पंजाब की प्रतिष्ठित लुधियाना पश्चिम सीट पर हुए उपचुनाव में कम मतदान के बावजूद आप का मत प्रतिशत बढ़ा है। शिअद को भी थोड़ा फायदा हुआ है। हालांकि कांग्रेस और भाजपा को नुकसान हुआ है। कांग्रेस, भाजपा एवं अकाली दल को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से मंथन करना होगा।
पंजाब की प्रतिष्ठित लुधियाना पश्चिम सीट पर हुए उपचुनाव में जनता ने आम आदमी पार्टी के तीन साल के कामकाज पर अपनी मुहर लगा दी है। इन चुनावों में कहीं पर सरकार के खिलाफ एंटी इंकम्वेंसी नजर नहीं आई, तभी तो मतदान में कम प्रतिशत के बावजूद आप के वोट प्रतिशत में वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के मुकाबले सबसे अधिक इजाफा हुआ है, साथ ही जीत का मार्जिन भी बढ़ा है।
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इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल के वोट प्रतिशत में भी हल्का इजाफा हुआ है, जबकि कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के वोट प्रतिशत में कमी दर्ज की गई है। इस चुनाव को वर्ष 2027 के शुरू में होने वाले पंजाब विधानसभा के चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा था।
चुनाव में बाद उभर कर आई तस्वीर में साफ है कि आप आदमी पार्टी आज की तारीख में कंफर्ट जोन में है, जबकि विपक्षी खेमे की कांग्रेस, भाजपा एवं शिअद को अभी से मंथन करना होगा, राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करना होगा, कमियों को दूर करके अपना आधार मजबूत करने की दिशा में सार्थक कदम उठाने होंगे, तभी बेहतर परिणाम हासिल हो सकेंगे।
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वर्ष 2022 में हुए पंजाब विधानसभा के चुनावों में लुधियाना पश्चिम सीट पर कुल 64.29 प्रतिशत यानी 1,17,360 वोट पड़े थे। जबकि वर्ष 2025 में हुए उपचुनाव में केवल 51.33 प्रतिशत यानि 90,060 वोट पड़े। बावजूद इसके आम आदमी पार्टी के संजीव अरोड़ा ने 39.02 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि वर्ष 2022 में पार्टी के उम्मीदवार गुरप्रीत गोगी ने 34.46 प्रतिशत वोट दर्ज किए थे।
अरोड़ा ने गोगी के मुकाबले 4.56 फीसदी वोट अधिक पाए
इस तरह से अरोड़ा ने गोगी के मुकाबले 4.56 फीसदी वोट अधिक पाए हैं। साथ ही गोगी ने 7,512 वोट से जीत दर्ज की थी, जबकि संजीव अरोड़ा ने 10,637 वोट से जीत दर्ज की है।
अपनी जमानत नहीं बचा सका शिअद उम्मीदवार
वर्ष 2022 के चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार महेश इंद्र सिंह गरेवाल को 8.58 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि इस बार परउपकार सिंह घुम्मण को 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9.1 प्रतिशत वोट मिले हैं। साफ है कि शिअद के प्रदर्शन कुछ बेहतर हुआ है, लेकिन इस बार भी शिअद उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा सका।
कांग्रेस और भाजपा का वोट प्रतिशत घटा
इस चुनाव में कांग्रेस एवं भाजपा को नुकसान हुआ है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 28.06 प्रतिशत वोट मिले थे, जोकि इस बार 0.84 प्रतिशत कम होकर 27.22 प्रतिशत रह गए। इसी तरह भाजपा भी वर्ष 2022 की अपनी परफार्मेस को नहीं दोहरा पाई।
2022 में भाजपा को 23.95 फीसदी वोट मिले थे, जोकि इस बार कम होकर 22.54 प्रतिशत रह गए। हालांकि कांग्रेस एवं भाजपा के वोट प्रतिशत में हल्की गिरावट ही दर्ज की गई है, बावजूद इनको अगले चुनावों के लिए खुद को तैयार करने के लिए नए सिरे से कसरत करनी होगी, तभी सत्ता की चाबी को हासिल कर सकते हैं।