लुधियाना। मानसून से पहले लगातार आठ घंटे में हुई 178.8 मिलीमीटर बारिश ने लुधियाना में जनजीवन अस्त व्यस्त कर डाला। निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया और कई जगह सड़क धंस गई। बारिश की वजह से बिजली और पानी सप्लाई भी बाधित रही। वाहन फंसने से सड़कों पर लंबे-लंबे जाम लग गए। लोग अपने अपने काम पर नहीं जा सके।
सुबह करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई बारिश दोपहर बाद ढाई बजे तक चली रही। किचलू नगर स्थित सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, कई जगहों पर सड़क ों में गड्ढे बन गए। हंबड़ा रोड पर दीवार गिर गई। बुड्डा नाला कई जगहों से ओवरफ्लो हो गया और उसका गंदा पानी लोगों के घरों में पहुंच गया। निगम की मशीनरी भी सुबह से ही डेमेज कंट्रोल में जुटी रही। शहर में मिनी सचिवालय, ढोलेवाल चौक, माल रोड, सतलुज क्लब रोड, हंबड़ा रोड़, दमोरिया पुल, शेरपुर चौक, माडल टाउन, रानी झांसी रोड, मेट्रो रोड समेत तमाम सड़कें पानी से भर गईं। न्यू कुंदन पुरी, शिवाजी नगर, जनकपुरी, हैबोवाल समेत कई इलाकों में कई कई फीट पानी लोगों के घरों में घुस गया। बीआरएस नगर में बने फ्लैटों के बेसमेंट में बनी पार्किंग में पानी भरने से महंगी गाड़ियां खराब हो गईं। इससे पहले 12 अगस्त 2011 को रक्षाबंधन से पहले की रात लुधियाना में 220 एमएम बारिश हुई थी।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय स्थित मौसम विभाग की हैड डा. केके गिल का कहना है कि शहर में 178.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। शहर में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। डा. गिल का कहना है कि अभी मानसून आने में कुछ दिनों का वक्त बचा है। यह प्री-मानसून की बारिश है।