लुधियाना। जिले के तमाम प्राइमरी स्कूलों में 1.34 लाख बच्चों को दोपहर का खाना (मिड-डे मील) देने के लिए प्रति माह प्रशासन 1.49 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। यह जानकारी डिप्टी कमिशभनर राहुल तिवारी ने दी। डीसी सरकार की शिक्षा संबंधी विभिन्न योजनाओं पर बात कर रहे थे। डीसी के अनुसार स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं। राइट टू एजूकेशन के तहत छह से 14 साल के बच्चों के लिए शिक्षा अनिवार्य की गई है।
तिवारी के अनुसार सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में 1.32 लाख रुपये की लागत से छह नए मिडल स्कूलों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्लाडा द्वारा चंडीगढ़ रोड पर स्थित 32 सेक्टर में 75 लाख रुपये की लागत से 100 लड़के एवं लड़कियाें के लिए हॉस्टल तैयार किया जा रहा है। जिले के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को 1.71 करोड़ रुपये की लागत से किताबें मुहैया कराई जा रही हैं। सरकारी स्कूलों के गरीबी रेखा से नीचे और अनुसूचित जाति के पहली से लेकर आठवीं कक्षा के बच्चों को 1.80 लाख रुपये की लागत से वर्दियां मुहैया कराई गई हैं।
डीसी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 10,130 अंगहीन एवं विकलांग बच्चों को कृत्रिम अंग लगाने, खेलों में रूचि पैदा करने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रूचि बढ़ाने के लिए तीस करोड़ रुपये की रकम रखी गई है।