पूरा दिन चला ड्रामा, शाम को ढहाई दुकानें
सुबह से शाम तक निगम के अधिकारी करते रहे आदेशों का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। शहर के हाजी रत्न चौक पर उसारी गई अवैध तौर पर बनी दुकानों पर आखिरकार सोमवार को शाम को छह बजे जेसीबी चला दी गई। इससे पहले निगम अधिकारी पुलिस फोर्स समेत इन दुकानों को गिराने के लिए सोमवार सुबह ही पहुंच गए। लेकिन दुकानदारों के विरोध के चलते निगम अधिकारी दुकानदारों के आगे बेबस नजर आए और अधिकारियों के आदेशों का इंतजार करते रहे। पूरे ड्रामे के बाद शाम करीब छह बजे जब बठिंडा के एडीसी पहुंचे तो पूरी कार्रवाई को अंजाम देते हुए चारों दुकानों को गिरा दिया। बता दें कि कुछ दिन पहले कांग्रेस वर्कर सुखदेव सिंह ने निगम के एक्सईएन संदीप गुप्ता पर आरोप लगाया था कि उसने चारों दुकानदारों से एक लाख रुपये प्रति दुकान के हिसाब से रिश्वत लेकर अवैध दुकानें बनवा दीं। जिसके बाद निगम के कमिश्नर रिशी पाल ने इस मामले में कार्रवाई करने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया। जिसके तहत सोमवार को निगम के अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ दुकानें गिराने पहुंचे। लेकिन वहां पर मौजूद दुकान मालिकों एवं कारिंदों ने विरोध किया तो निगम अधिकारी व पुलिस फोर्स बेबस नजर आई। शाम को तकरीबन पांच बजे डीएसपी सिटी वन गुरजीत सिंह की दुकानदारों के साथ बैठक शुरू हुई जिस में कोई नतीजा नहीं निकला पर शाम को छह बजे जैसे ही बठिंडा के एडीसी साक्षी साहनी मौके पर पहुंचे। जिस के बाद तुरंत अवैध दुकानों पर सरकारी जेसीबी चला दी गई।
दुकानदारों ने कहा कि उनकी दुकानें तो निगम ने गिरा दी पर निगम अधिकारी अपने उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई करें, जिन्होंने उनसे लाखों रुपये की रिश्वत लेकर दुकानें बनवाई थीं। इस संबंध में निगम कमिश्नर रिशी पाल का कहना था कि मामले की जांच की जा रही है, अगर किसी भी निगम अधिकारी की मिलीभगत सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।