अर्थव्यवस्था के उत्थान के लिए ग्रामीण बाजार पर ध्यान देने की जरूरत : पंकज मुंजाल
2000 से ग्रामीण अर्थव्यवस्था 6.2% सीएजीआर के दर से बढ़ रही है
विक्री की दर को बढ़ाया जाए और लागत कम की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
लुधियाना में यूनाइटेड साइकिल और पार्टस मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया (यूपीसीएमए) के सदस्यों द्वारा आयोजित एटा सभा में पूर्व नौकरशाह और पूर्व प्रबंध निदेशक, मारुति उद्योग लिमिटेड, जगदीश खट्टर और हीरो मोटर कंपनी के चेयरमैन, पंकज मुंजाल ने उपस्थित मैनुफैक्चरर से आग्रह किया कि वे साइकिल बिक्री में विकास के लिए ग्रामीण बाजार पर तेज नजर रखें। टेक्नेवियो द्वारा किए गए शोध के अनुसार साइकिल ऑप्टिमाइजेशन (गियर, ड्राइवट्रेन, कार्बन फ्रेम, ट्यूबललेस टायर्स इत्यादि) में तकनीकी प्रगति की वजह से 2022 तक वैश्विक साइकिलिंग बाजार में 4% की सीएजीआर की दर से वृद्धि होने की उम्मीद है और व्यायाम, खेल और फुर्सत के क्षणों में साइकिल चलाने के रूप में भी इसका पुनरुत्थान होने की उम्मीद है। इसलिए, साइकिल निर्माता ऑन-रोड और ऑफ-रोड ट्रैक बाइक, एक्स-बाइक और हाइब्रिड, विशेष रूप से युवा से मध्यम आयु वर्ग के वयस्कों और बच्चों को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य पर ध्यान दे रहे हैं।
भारत में, जो पिछले वित्त वर्ष के दौरान 16.5 मिलियन साइकिलों का निर्माण करता था, ये स्थानीय उद्योग चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा साइकिल निर्माता के रूप में मौजूद है। वास्तव में इनमें से 90% निर्माता लुधियाना में स्थित हैं। जबकि चीन का बाजार भारत में प्रति व्यक्ति आय का केवल 3% की दर से साइकिल प्रदान करता है, जिसमें साइकिल की कीमत औसतन प्रति व्यक्ति आय का 15 ही है। इसके अलावा, चीन में हर 100 घरों में से 95 घरों में साइकिल है, जबकि भारत में इसका अनुपात केवल 46 ही है।
मारुति उद्योग लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक जगदीश खट्टर ने कहा यूगांडा जैसे अन्य विकासशील देशों में अध्ययन से पता चला है कि साइकिल के प्रावधान ने ग्रामीण आय में काफी वृद्धि की है। भारत का ग्रामीण प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद 2000 के बाद से सीएजीआर या 6.2% (आईबीईएफ) की दर से प्रगति किया है। पिरामिड के नीचे अद्वितीय विशेषता है कि इसे कम निवेश, उच्च मात्रा वाले उत्पादों द्वारा बांटा जा सकता है। इसके विपरीत, शहरी बाजार विशिष्ट खंडों पर भरोसा करते हैं, जो कि निवेश पर जरूरी है और बिक्री की मात्रा में कम है। उद्योग या सेवाओं और आवास की दूरी के बीच प्रति व्यक्ति औसतन यात्रा की दूरी 6 से 20 किलोमीटर के बीच होती है, जिसे आसानी से साइकिल द्वारा तय किया जा सकता है। सरकारी ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत 2022 तक कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, महिला सशक्तिकरण और पूर्ण गरीबी उन्मूलन सहित उनकी आय को दोगुना करना है। साइकिल चलाने से उम्मीद है कि प्रत्येरक व्यक्ति इन अभियानों को पूरा करने में महत्वकपूर्ण भूमिका निभा सकता है।