‘पापा को नौकरी दो और हमारे भविष्य के बारे में सोचो’
पिता कोे हक दिलाने के लिए आंदोलन में कूदे थर्मल कर्मियों के बच्चे
बोले- अगर पापा की नौकरी नहीं रहेगी तो हम आगे कैसे पढ़ाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
थर्मल कर्मचारियों की ओर से लगाए पक्के मोर्चे में बुधवार का उनके बच्चे भी अपने पिता को हक दिलाने के लिए आंदोलन में कूद पडे़। कड़ाके की ठंड में भी बच्चे पूरे जोर शोर के साथ ‘पापा को नौकरी दो और हमारे भविष्य के बारे में सोचो’ जैसे नारे लगाते रहे। बीते तीन दिनों से पक्के मोर्चे में दिन रात थर्मल कर्मी डटे हुए हैं। अब उन्होंने विधायक मनप्रीत बादल के खिलाफ अलग से मोर्चा खोला है। वह मोहल्लों में जागो निकालकर बादल की धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
धरने में शामिल होने पहुंची चार वर्षीय नन्हीं मुस्कान ने सरकार से मांग की कि मेरे पापा की नौकरी मत छीनों, अगर पापा की नौकरी नहीं रहेगी तो मुझे आगे कैसे पढ़ाएंगे। नेहा (12) ने कहा कि वैसे तो प्रधानमंत्री लोगों को बेटी पढ़ाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर पंजाब सरकार है, जो बेेटियों के पिता की नौकरी छीन रही है। इससे बेटियों के भविष्य में अंधेरा भर रहा है। बच्चीं ने कहा कि जब पापा की नौकरी नहीं रहेगी तो उसकी फीस कैसे भरी जाएगी।
हरजोत सिंह (10) ने कहा कि वह पढ़ लिखकर बड़ा अफसर बनना चाहता है, लेकिन अब सरकार ने उसके पापा की नौकरी छीनकर उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उसने कहा कि वह तब तक स्कूल नहीं जाएगा जब तक उसके पापा को सरकार रोजगार नहीं देगी। चौथी कक्षा में पढ़ने वाले मोहित ने तो अपने स्कूल से छुट्टी ही ले ली है। उसका कहना है कि उसे अपने पापा का साथ देना है। मोहित ने कहा कि सरकार उस जैसे सैकड़ों बच्चों का भविष्य अंधेरे में न धकेले।
खुशी (13) ने कहा कि उसके घर में अकेले पापा ही कमाने वाले थे, लेकिन अब सरकार ने उसके पापा की नौकरी छीनकर उन्हें बेरोजगार कर सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। इन बच्चों के अलावा रोहन, करन, रोहित, राहुल, अर्शदीप, धर्मवीर, पायल, मनप्रीत, जशन और पराशुं समेत करीब 50 बच्चें अपने पिता की नौकरी दिलाने के लिए आंदोलन में दिन रात अपने पिता का साथ दे रहे हैं।