बैंस ब्रदर्स के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने का कड़ा नोटिस
लोक इंसाफ पार्टी ने ऑडियो की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
आप नेता सुखपाल सिंह खैरा के मामले में घिर चुकी कांग्रेस सरकार ने अकाली दल से मिलीभगत कर बैंस ब्रदर्स के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने का लोक इंसाफ पार्टी ने कड़ा नोटिस लिया है। नेताओं ने से सीधे तौर पर इसे लोकतंत्र का कत्ल करार दिया है। शहर में शुक्रवार को लोक इंसाफ पार्टी के कार्यालय में पार्षद परमिंदर सिंह सोमा, पार्षद रणजीत सिंह बिट्टू, पार्षद रणधीर सिंह सिबिया, पार्षद रणजीत सिंह ऊबी, डा. सुरजीत सिंह और जिला प्रधान बलदेव सिंह समेत अन्य ने बैठक की।
पार्षद सोमा ने कहा कि बैंस बंधुओं ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ चल रहे सिटी सेंटर घोटाले में अदालत में अर्जी देकर पार्टी बनाने के लिए कहना कैप्टन के लिए सिरदर्द बन गया है। वहीं इस मामले में अकाली दल पहले ही क्लोजर रिपोर्ट देने के लिए सहमत हो गया है। इससे अगर अदालत में पंजाब सरकार केस हार जाती है तो उसे टूडे होम कंपनी को 114 करोड़ रुपये देने होंगे। इसके लिए ही बैंस भाइयों ने अदालत में पार्टी बनाने की बात की है।
वहीं खैरा ने रेत खनन और नशे के खिलाफ कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी राणा गुरजीत सिंह व अकाली दल के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इससे बौखलाहट में आई कांग्रेस और अकाली दल ने यह साजिश रच दी। सोमा ने आरोप लगाया कि जब बैंस भाइयों ने ऑडियो जारी कर सीबीआई की जांच की मांग की तो कांग्रेस और अकाली दल ने खुद को फंसा हुआ पाया, तभी विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पास किया गया। लोक इंसाफ पार्टी ने नेताओं ने कहा कि उस ऑडियो की सीबीआई से जांच करवाई जाए।