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इस्लाम कभी जबरन धर्म परिवर्तन करने का पैगाम नहीं देता

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शांति का पैगाम लेकर पहुंचे विदेशी दूत
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कहा, इस्लाम कभी जबरन धर्म परिवर्तन की इजाजत नहीं देता
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब। शांति का पैगाम लेकर 13 सदस्यीय विदेशी वफद रविवार को देर शाम फतेहगढ़ साहिब पहुंचा। वफद के सदस्य गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब और रोजा शरीफ में नतमस्तक हुए। वफद में जर्मनी, तुर्की, कुर्दिश, ऑस्ट्रिया, अलग्रेव और अन्य देशों के नागरिक शामिल हैं।
व्यापार सेल कांग्रेस के जिला प्रधान गुरशरन सिंह बिट्टू के दफ्तर में बातचीत करते शेख मोहम्मद इसरीफ इफांडी ने बताया कि वफद ने 27 जनवरी को बंगलादेश से शांति यात्रा शुरू की। दिल्ली, श्रीनगर, गुजरात, अजमेर, कलकत्ता, उड़ीसा, मुंबई होने हुए अब पंजाब पहुंचे हैं। यहां दिल्ली पहुंचेंगे और इसके बाद वापस अपने देशों को रवाना होंगे। वफद के सदस्यों ने कहा कि उनको भारत के अलग-अलग राज्यों में जाकर बहुत कुछ नया देखने को मिला और लोगों में रहकर उनकी सभ्यता बारे पता लगा जहां सभी ने उनका बहुत सत्कार किया।
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वफद ने बताया कि गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में पहुंचकर उन्हें छोटे साहिबजादों की शहादत के बारे में जानकारी मिली। सदस्यों ने कहा कि मासूम बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार करना भगवान के कार्य में विघ्न पैदा करना व शैतान मन की उपज थी, क्योंकि इस्लाम कभी भी जबरन धर्म परिवर्तन की इजाजत नहीं देता है। इस मौके राइन हैलस, अब्दुल हक पीटहैलस, अब्दुल जमाल, हुसन इफांडी, हाजी हमुमा, अली जाना, हाची फायसाल, अहमद बांबू, अब्दुल लतीफ, एमीन एफनडी, अब्दुल राउफ, चामीला नूर, साधू राम भट्टमाजरा, सुरजीत सिंह शाही, ठेकेदार अवतार सिंह उपस्थित थे।
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