एससी कमीशन के पास पहुंचा रिश्वतखोरी का केस
- पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर लगाया था झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव बीड तलाब निवासी पीड़ित पक्ष से जुड़ा मामला अब एससी आयोग पहुंच गया है। मामले में पुलिस पर आरोप लगाया गया कि है कि पुलिस ने आरोपियों से रिश्वत लेकर उल्टा पीड़ित पक्ष को ही झूठे मुकदमे में फंसा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ एससी कमीशन से शिकायत की गई थी। साथ ही मांग की गई है कि मामले से जुड़े पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, एससी कमीशन पंजाब ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बीड तलाब निवासी सुखविंदर सिंह ने बताया कि 17 जून को उनके गांव में नथाना गांव के चार अज्ञात युवक रात के समय आए थे। उनको गांव वालों ने पकड़कर थाना सदर पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही उसकी वीडियो भी बनाई। पुलिस ने चारों युवकों को हिरासत में लेकर उनकी तलाशी ली थी। इस बीच उनके पास से एक देसी रिवाल्वर भी बरामद हुई। हालांकि अगले दिन पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों पर कार्रवाई करने की बजाय उनको छोड़ दिया। इतना ही नहीं उल्टा कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गांव के गुरजंट सिंह, जगमेल सिंह, गुगु तेजी और हैप्पी समेत दो अन्य पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एएसआई अंग्रेज सिंह ने युवकों से मोटी रिश्वत लेकर गांव वालों के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया हैैै। एससी कमीशन के सदस्य बाबू सिंह का कहना था कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और जांच के दौरान अगर पुलिस वालों को आरोपी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। एसएसपी नवीन सिंगला का कहना था कि मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद ही वह कुछ बता पाएंगे। आरोपों का सामना कर रहे एएसआई अंग्रेज सिंह का कहना था कि गांव वालों के आरोप झूठे हैं। उन्होंने कानून के अनुसार ही गांव वाले कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।