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किसानो का पावरकॉम के अधिकारियों पर फूटा गुस्सा

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बिजली विभाग अधिकारियों पर फूटा किसानों का गुस्सा
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खर्चे के नाम लिए लाखों रुपये वापस न देने पर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
बिजली विभाग की ओर से बीते साल खेतों में रहते सैकड़ों किसानों से 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के लिए खर्चे और लेबर के नाम पर लिए लाखों रुपये वापस न करने का मामला गर्मा गया है। अब एक बार दोबारा विभाग की ओर से खेतों में रहते किसानों को 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के लिए बहाने बनाकर आनाकानी की जा रही है।
इस बारे में बुधवार को किरती किसान यूनियन की ओर से जिला प्रधान तिरलोचन सिंह की अगुवाई में एक्सईएन रायकोट रवि कुमार चोपड़ा से मुलाकात की। उन्होेंने बताया कि बीते साल सरकार की ओर से खेतों में रहते किसानों को सरकारी खर्चे पर 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के लिए कनेक्शन दिए गए थे। यह सारा खर्च सरकार ने ही करना था, लेकिन विभाग ने लेबर समेत अन्य खर्च किसानों से यह कह कर करवा लिया कि यह पैसे वापस हो जाएंगे। वहीं साल बीत जाने केे बावजूद पैसे की वापसी नहीं हुई।
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किरती किसान यूनियन के जिला प्रधान तिरलोचन सिंह ने बताया कि विभाग ने जिन किसानों से पैसे लिए थे, वहीं लिस्ट एक्सईएन रायकोट को पहले ही दी जा चुकी है। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रधान तिरलोचन और यूनियन सदस्यों ने मांग की कि जो किसान खेतों में रहते हैं और खुद खर्च कर 24 घंटे वाली बिजली कनेक्शन लगवाने में समर्थ नहीं है, उन्हें जल्द यह कनेक्शन दिए जाए। इन किसानों को विभाग के स्टोर से सामान भी जल्द उपलब्ध करवाया जाए।
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यूनियन ने आरोप लगाया कि पिछले धान के सीजन में 2 एकड़ भूमि वाले किसानों को बादल सरकार ने मुफ्त मोटर कनेक्शन दिए थे। उस दौरान भी विभाग ने लेबर का सारा खर्च किसानों से करवा लिया और आज तक इसकी वापसी नहीं की। जत्थेबंदियों ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित किसानों के मामलों का जल्द को हल न निकाला गया तो 10 अगस्त को बड़ा संघर्ष करेंगे।
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