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लोकसभा चुनाव: पहले दिन दो प्रत्याशियों ने भरा अपना नामांकन

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लोकसभा चुनाव: पहले दिन दो प्रत्याशियों ने भरा नामांकन
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सेवानिवृत्त एक्सईएन बलदेव राज के पास सिर्फ 5 हजार कैश
टीटू बनिया दसवीं पास और 15 लाख संपत्ति के मालिक
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के पहले दिन दो प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र जिला चुनाव अधिकारी के पास दाखिल किए है। दाखा निवासी हास्य कलाकार जय प्रकाश जैन उर्फ टीटू बनिया ने बतौर आजाद प्रत्याशी अपना नामांकन भरा है, वही बीआरएस नगर से बलदेव राज कतना ने नेशनल जस्टिस पार्टी से अपना नामांकन फाइल किया है। रदोनों प्रत्याशियों के खिलाफ आज तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
गौर हो कि नामांकन पत्र भरने का काम 29 अप्रैल तक जारी रहेगा, 30 अप्रैल को प्रत्याशियों की तरफ से फाइल किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच होगी। दो मई तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते है। नामांकन पत्र भरने का समय सुबह 11 बजे से लेकर तीन बजे तक होगा। शनिवार और रविवार को छुट्टी होगी।
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खसखस की खेती को लेकर टीटू बनिया मैदान में
मुल्लापुर दाखा निवासी टीटू बनिया एक बार फिर मैदान में उतर चुके है। इस बार भी उनका एजेंडा पंजाब की डूबती किसानी को बचाने के लिए खसखस की खेती करने की परमिशन देना है। टीटू बनिया दसवीं पास है, पेशे से मेकेनिक है। इनवर्टर बैटरी और आरओ ठीक करने का काम करते हैं, और पंजाबी हास्य कलाकार हैं। दाखा में उनका 60 गज में अपना घर है, उनकी पत्नी और खुद के पास 17 हजार रुपये कैश, कार, मोटरसाइकिल सहित अन्य निवेश मिलाकर 14.83 लाख की संपत्ति है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी टीटू बनिया मैदान में उतरे थे, उस समय उन्हें 1519 वोट मिले थे। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन आखिरी समय में आम आदमी पार्टी प्रत्याशी एडवोकेट एचएस फूलका के हक में बैठ गए थे।
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चुनाव सिस्टम के खिलाफ फिर से मैदान में
बीआरएस नगर निवासी बलदेव राज कतना ने नेशनल जस्टिस पार्टी की तरफ से अपना नामांकन भरा है। बिजली बोर्ड से बतौर एक्सईएन सेवानिवृत्त कतना ने 2017 में विधानसभा हलका पश्चिम से चुनाव लड़ा था। उन्हें सिर्फ 211 वोट ही मिले। कतना के पास सिर्फ 5 हजार रुपये नकद हैं, इसके अलावा उनके पास कोई घर नहीं है। कोई ज्वेलरी या फिर अन्य संपत्ति नहीं है। अपना खर्च पेंशन से चला रहे हैं। कतना कहते हैं कि वह इस सिस्टम के खिलाफ लड़ रहे हैं, क्योंकि पहले बड़ी पार्टी के प्रत्याशी पैसा देकर टिकट हासिल करते हैं, फिर पैसे के दम पर वोटर को खरीदने का काम करते हैं। लेकिन वह ऐसा कुछ नहीं करेंगे। चुनाव प्रक्रिया पर कटाक्ष करते हुए कतना कहते हैं कि बड़ी पार्टियों के चुनाव चिह्न पहले से तय होते हैं। लेकिन छोटी या फिर आजाद प्रत्याशियों को चुनाव से कुछ दिन पहले यह अलाट होते हैं। ऐसे में कोई प्रत्याशी अपना बैनर तक नहीं लगा पाता है।
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