डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार 70 हजार करोड़ पार
भारत सरकार ने भी डायरेक्ट सेलिंग को सितंबर 2016 में दी मान्यता : विर्क
सरकार का 2025 तक 21 हजार करोड़ टर्नओवर का है टारगेट
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। विदेशों में डायरेक्ट सेलिंग (सीधी खरीद) का कारोबार 70 हजार करोड़ के पार कर चुका है। अब भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक इसका टर्नओवर 21 हजार करोड़ हो जाएगा। इसके साथ खपतकारों को मिलावटी खाद्य पदार्थों से छुटकारा मिलेगा। भारत सरकार ने सितंबर 2016 में इसे मान्यता दी है। यह बात आरसीएम के राष्ट्रीय नेता जेएस विर्क और मंजीत सिंह गिल ने गांव बुलारा सेंटर का उद्घाटन करते कही।
दोनों नेताओं ने कहा कि देश में वातावरण प्रदूषित, जमीन की पैदावार में खुराक के तत्व की कमी के कारण भारत में लगातार बड़ी बीमारियां आ रही हैं। यह सब खुराक तत्वों की कमी के कारण हो रहा है। भारत सरकार ने सेहत सुधार और खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके तहत फैक्टरी में सीधा बना सामान खतपकार खुद खरीद सकता है। बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी जो मिलावटी और महंगाई का कारण बनते हैं। दोनों ने कहा कि अब विदेशों जैसे भारतीय भी अपनी सेहत के लिए खुराकी तत्वों का इस्तेमाल करनी शुरू कर दी है और दिन ब दिन खुराक के तत्वों की मांग बढ़ रही है। दोनों नेताओं ने प्रोजेक्ट के जरिये देश की हालत पेश की। इस समय मनोज कुमार ने भी सेहत संबंधी बीमारियों के बारे अपने विचार पेश किए। इस समय डॉ. बचन सिंह, सुखविंदर सिंह सुक्खी, शमशेर सिंह गालिब सहित अन्य लोग हाजिर थे।