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जहरीली खिचड़ी खाने से दो बच्चों की मौत, चार की हालत गंभीर

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खिचड़ी खाने से दो बच्चों की मौत, चार लोग गंभीर
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शुक्रवार की दोपहर बनाई गई खिचड़ी रात में सारे परिवार ने खाई
पुलिस ने खिचड़ी वाले सभी बर्तन कब्जे में लेकर जांच शुरू की
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। भाई रणधीर सिंह नगर के पास स्थित गांव सुनेत में खिचड़ी खाने से दो बच्चों की मौत हो गई। परिवार के चार लोग डीएमसी अस्पताल में दाखिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सराभा नगर की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने खिचड़ी वाले बर्तन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दो साल के अभय के शव को तो शनिवार बिना पोस्टमार्टम के ही दफना दिया गया था, दूसरे बेटे आर्यन (5) का रविवार को पोस्टमार्टम करा शव वारिसों को सौंपा गया है।
डीएमसी अस्पताल में दाखिल अरुण कुमार उर्फ उस्ताद, उसकी पत्नी पिंकू, बेटा सचिन (12), शशि (10) और सन्नी (7) की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मूल रुप से बिहार के जिला छपरा स्थित गांव फरवां मगरपाल के रहने वाले अरुण कुमार की भाई रणधीर सिंह नगर गांव सनेत के पास ही फास्टफूड की रेहड़ी है। शुक्रवार की दोपहर को उसकी पत्नी पिंकू ने पूरे परिवार के लिए खिचड़ी बनाई थी। रात को बच्चे खाकर सो गए और अरुण ने देर से खिचड़ी खाई। देर रात 12 बजे के बाद अचानक से सभी की हालत खराब होने लगी। शोर मचाने पर आसपास के लोग उन्हें इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल ले गए। वहां अभय की मौत हो गई। परिजनों ने शव लेकर दफना दिया।
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कुछ समय बाद डाक्टरों ने सभी की हालत को देखते हुए उन्हें डीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां रविवार की सुबह आर्यन ने भी दम तोड़ दिया। दूसरे बच्चे की मौत के बाद पुलिस को सूचना मिली। एसीपी पश्चिमी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस के ध्यान में मामला रविवार की सुबह आया है। एक बच्चे को तो पहले ही दफना दिया गया था। जबकि दूसरे बच्चे के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद वारिसों को दिया गया है। उन्होंने बताया अस्पताल में उपचाराधीन अरुण उसके पारिवारिक सदस्यों की हालत अभी खतरे से बाहर है। पुलिस बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रही है। पुलिस ने खिचड़ी के बर्तन कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिए है।
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