निगम की नई वार्डबंदी पर 57 नए एतराज
कुल आपत्तियों की संख्या 137, एजराज करने वालों कांग्रेसी, अकाली और भाजपाई
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
राज्य की सबसे बड़ी लुधियाना नगर निगम की नई वार्डबंदी पर लगातार लोग सवाल खड़े कर रहे है। नई वार्डबंदी पर नोटिफिकेशन पर बुधवार को 57 लोगों ने अपने एतराज दर्ज करवाए। इनमें सियासी नेता के साथ साथ आम लोग भी शामिल है। अब तक वार्डबंदी पर कुल 137 एतराज आ चुके है। यह एतराज नगर निगम लुधियाना की कमेटी ने 29 दिसंबर तक लेने है। उसके बाद सारे एतराज इकट्ठे कर स्थानीय सरकार के डायरेक्टर को भेजे जाएंगे, जहां आखिरी फैसला लिया जाना है।
बीते दिन एतराज की लिस्ट में काफी कांग्रेसियों के नाम थे। जिनमें विधायक, हल्का इंचार्ज और कांग्रेसी नेता शामिल है। बीते दिन भी एतराज लेने वाली कमेटी को 80 से ज्यादा एतराज मिले। नई वार्डबंदी के नोटिफिकेशन पर बुधवार को ज्यादातर एतराज एसी वार्ड को जनरल करने और जनरल वार्ड को एससी करने आए। इसके बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा एतराज गलियां, मोहल्ले काट कर दूसरे वार्ड में किए जाने पर रहे। नगर निगम डी जोन सराभा नगर में एतराज दर्ज करने वाली कमेटी के इंचार्ज सुपरिंटेंडेंट रंजीव और सदस्य अनीश जिंदल के पास अब तक 137 एतराज आ चुके है।
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के प्रधान चौधरी यशपाल अपने साथियों के साथ एतराज दिया कि शहर में एससी वार्डों को बढ़ाया जाए। शहर की आबादी के मुताबिक एससी वार्डों की संख्या कम है। भाजपा के पूर्व पार्षद नरिंदर मल्ली ने एतराज दिया कि वार्ड नंबर 91 के इलाकों के नाम स्पष्ट नहीं है। नक्शे के मुताबिक वार्डबंदी की लिस्ट के साथ भी वह मेल नहीं खा रहे है। अकाली पार्षद कंवरजतिंदर सिंह बाजवा ने एतराज जताया कि वार्ड नंबर 83 को जरनल किया जाए। भाजपा पार्षद परमिंदर मेहता ने मांग की है कि नगर निगम डी जोन में लगाया गया वार्ड बंदी का नक्शा नीचे करके लगाया जाए, ताकि हर व्यक्ति पढ़ सके। इसी तरह इलाका निवासी सनेह, दलजीत, विकास, विशाल ने मांग की है कि उन्होंने वार्ड नंबर 23 को जरनल किया जाए, क्योंकि यहां की काफी आबादी जरनल है।