इनपुट कास्ट बढ़ने के चलते उत्पादकों ने दूध के दामों में बढ़ोतरी की है। डेयरी संचालकों और दूध उत्पादकों ने पिछले एक सप्ताह से तीन रुपये प्रति लीटर के हिसाब से रेट बढ़ा दिए है। चुनाव आचार संहिता लगने के कारण सहकारी दूध कंपनी वेरका ने अभी दामों में बढ़ोत्तरी नहीं की है। आचार संहिता हटने पर वेरका के दाम भी बढ़ सकते है।
बताया जा रहा है कि वेरका ने दूध के दाम बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। दूध के दाम तो बढ़ने से महानगर के लोगों पर बोझ तो पड़ा ही है साथ ही अब उन पर ओर भी बोझ बढ़ सकता है। दूध के दाम बढ़ने से हलवाइयों ने मिठाईयों के दाम भी दस रुपये तक बढ़ाने के संकेत दे दिए है। आने वाले दिनों में हर मिठाई पर दस रुपये किलो का इजाफा किया जा सकता है।
डेयरी संचालकों और उत्पादकों की ओर से दूध के रेट बढ़ाए जाने के बाद वेरका के जीएम बीआर मदान के मुताबिक दूध के दामों को बढ़ाने जाने को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं की गई है। चुनाव के चलते सहकारी संस्था की ओर से दामों में कोई इजाफा नहीं किया जा सकता। उच्चाधिकारियों की ओर से इलेक्शन कमिशन को एक पत्र लिख कर दामों को बढ़ाने की मांग की गई है।
दाम कितने बढ़ाए जाएंगे इसका अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। दूध के दाम कब और कितने बढ़ाए जाएंगे इसके बारे में फैसला अधिकारियों को लेना है। पंजाब हलवाई एसोसिएशन के प्रधान नरिंदर सिंह के मुताबिक दूध के दाम बढ़ जाने से मिठाई की लागत में बढ़ोत्तरी हो गई है। मिठाई में दस रुपये प्रति किलो का इजाफा किया जाएगा। इनमें दूध से बनने वाली मिठाइयां भी शामिल होंगी।