ठेका मुलाजिमों ने घेरा डीसी ऑफिस
प्रदेश सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, लगाया वादाखिलाफी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। सूबा सरकार की तरफ से आशा वर्करों, मिड-डे मील, जंगलात वर्कर, कच्चे अध्ययापकों और ठेका मुलाजिमों की मांगे न माने जाने के विरोध में रविवार को ठेका मुलाजिम मोर्चे के बैनर तले डीसी परनीत के कार्यालय एवं रिहायश के पास धरना दिया गया। मौके धरनाकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरना लगाने से पहले आशा, मिड-डे मील वर्करों एवं कच्चे अध्यापकों की ओर से शहर में रोष रैली निकाली गई। धरने को संबोधित करते हुए मोर्चे के मेला सिंह, कर्मजीत कौर के अलावा अन्य नेताओं ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेका कर्मियों का सरकार शोषण कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के समय वादा किया था कि कच्चे अध्यापकों एवं कर्मियों को सरकार बनने के बाद पक्का किया जाएगा। सरकार बनने के बाद कांग्रेस सभी वादों से मुकर गई और उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया। नेताओं ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने जो नोटिफिकेशन जारी किया था उसको अब मौजूदा सरकार कैंसिल करने का प्रयास कर रही है। नेताओं ने मांग की कि पंजाब सरकार मिड-डे मील और आशा वर्करों को 18 हजार रुपये व पार्ट टाइम वर्करों को आठ हजार रुपये भत्ता दें। कच्चे अध्यापकों और ठेका कर्मियों को पे स्केल के अनुसार वेतन देकर नौकरी पर पक्का किया जाए। इसके अलावा समूह विभागों में खाली पडे़ पदों को भरने की मांग रखी।