जगरांव (लुधियाना)। भारत से कनाडा स्टूडेंट वीजा पर पढ़ने गए छात्रों के लिए बुरी खबर है। जानकारी के मुताबिक कनाडा के शहर मोंट्रियाल में 3 निजी कालेजों की ओर से खुद दिवालिया घोषित किए जाने से भारत से स्टूडेंट वीजा पर कनाडा पढ़ने गए छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। जानकारी देते हुए जगरांव से स्टूडेंट वीजा पर गए वरुण खन्ना, अमित तोशा शाह, परम ढिल्लों, जोत घुम्मन, हरजिंदर सिद्धू , परमिंदर पांगली ने बताया कि वह स्टूडेंट वीजा पर कनाडा के माेंट्रियाल शहर की प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक मोंट्रियाल शहर के 3 प्राइवेट कालेजों के प्रबंधकों की ओर से खुद को दिवालिया घोषित किया गया है।
ऐसे में भारत से कनाडा स्टूडेंट वीजा पर पढ़ने आए सैकड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि कालेजों के बंद होने से छात्रों की एक हंगामी बैठक शहर लसाल के मैक्सी प्लाजा में की गई और बैठक में लगभग 100 छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि बैठक में सामने आया कि मोंट्रियाल शहर के 3 जिनी कालेजों के प्रबंधकों ने धोखाधड़ी कर कालेज बंद कर लगभग 1500 छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। इन 1500 छात्रों में 30 फीसदी छात्रों की हाल ही में पहले सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू हुई है, जबकि 70 प्रतिशत छात्रों की पढ़ाई पूरी होने वाली थी। इसके अलावा कालेज प्रबंधकों की ओर से पंजाब के साथ-साथ भारत के छात्रों से लगभग 60 लाख कैनेडियन डालर फीस के रूप में वसूली जा चुकी है। कालेज बंद होने से छात्रों का वीजा भी रद्द होने के साथ-साथ और विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना भी टूट रहा है।
इतनी बड़ी धोखाधड़ी के कारण छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी बड़ी परेशानी में हैं। अभी कोरोना महामारी के दौर में सीमित काम, कम वेतन, महंगे रिहायशी कमरे और भारी भरकम फीस के कारण उनका भविष्य और भी अंधकारमय हो गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में धोखाधड़ी के शिकार तीनों कालेजों के छात्रों के हक के लिए 13 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी आने वाले दिनों में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये मोंट्रियाल यूथ स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन के बैनर तले अपना विरोध दर्ज करेगी। बैठक में आखिरी सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे छात्रों की पढ़ाई पूरी करवाने, पहले सेमेस्टर के छात्रों को किसी और कालेज में ऐडजस्ट करने और कनाडा से बाहर बैठे छात्रों की फीस वापस करने के लिए भारतीय राजदूत को मामले में दखल देने के साथ धोखाधड़ी करने वाले 3 प्राइवेट कालेजों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। बैठक के दौरान सभी छात्रों ने कनाडा के साथ-साथ पंजाब सहित देश के लोगों को धोखाधड़ी का शिकार हुए छात्रों का सहयोग करने की अपील की गई।