पंजाब स्टेट जीएसटी की विशेष टीम ने जाली बिलिंग के सहारे सरकारी खजाने को 30 करोड़ रुपये की चपत लगाने के तीन आरोपियों को शहर से गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी होजरी उत्पादों का बिना किसी उत्पादन किए जाली बिलों के सहारे काम कर रहे थे। इनका नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में फैला हुआ था। वहां मजदूर, ऑटो रिक्शा चालक, वेटर का जाली पहचान पत्र हासिल कर फर्जी कंपनियां बनाई गईं। इन जाली कंपनियों में 350 करोड़ की जाली बिलिंग दिखाई गई है। स्टेट जीएसटी की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल अधिकारी गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम का खुलासा करने से कतरा रहे है।
स्टेट जीएसटी डिप्टी कमिश्नर तेजवीर सिंह ने बताया कि उनके विभाग को सूचना मिली थी कि लुधियाना से कुछ लोग बोगस बिलिंग का काम रह रहे है। इन्होंने अन्य राज्यों में जाली पहचान पत्र पर फर्म तैयार की हैं। इन फर्मों को बनाने के लिए वेटर, ऑटो रिक्शा चालक और मजदूरों का पहचान पत्र लगाए हैं। जीएसटी टीम ने मंगलवार को लुधियाना शहर के चार परिसरों में दबिश दी। ताकी पता चल सके कि होजरी उत्पादों को तैयार भी किया जाता है या फिर सब कुछ जाली चल रहा है।
जांच के दौरान पता चला कि पांच विभिन्न राज्यों में 350 करोड़ रुपये की जाली बिलिंग की गई। इस बिलिंग के आधार पर 30 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया। इसमें सात करोड़ रुपये नकद और 23 करोड़ को विभिन्न फर्मों के माध्यम से समायोजित किया गया है। जीएसटी कानून के तहत तीनों को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। इस मामले पर जीएसटी टीम जांच कर रही है।