निहंग सिंहों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
खालसाई खेलों के साथ शहीदी जोड़ मेल का समापन
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सजाया नगर कीर्तन
अमर उजाला ब्यूरो
श्री चमकौर साहिब। दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के दोनों बड़े साहिबजादे बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह और पंज प्यारों में से तीन प्यारों भाई हिंमत सिंह, भाई मोहकम सिंह और भाई साहिब सिंह समेत 40 सिंहों की शहादत को समर्पित शहीदी जोड़ मेल का रविवार को श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डालने के बाद समापन हो गया। श्री चमकौर साहिब में जोड़ मेल के आखिरी दिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारा गढ़ी साहिब से नगर कीर्तन सजाया।
नगर कीर्तन के शुरुआत की अरदास तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने की। बाबा अवतार सिंह, एसजीपीसी सदस्य परमजीत सिंह लखेवाल की मौजूदगी में पंज प्यारों के नेतृत्व और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र छाया में सजाए गए नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में संगत ने हाजिरी भरी। नगर कीर्तन इलाके के अलग अलग नगरों में होता हुआ गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब आ कर समाप्त हुआ। इस मौके पर नौजवान ने गतका के जौहर भी दिखाए। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने युवाओं को नशे का त्याग करने का संदेश देते हुये सिखी स्वरूप से जुड़ने का संदेश दिया।
इसके बाद निहंग सिंहों ने श्री चमकौर साहिब की धरती पर मोहल्ला सजाया। गुरुद्वारा रणजीतगढ़ साहिब से आरंभ हुआ यह मोहल्ला गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब में नतमस्तक होने के बाद खेल स्टेडियम पहुंचा। वहां हाथी और घोड़ों पर सवार निहंग सिंहों ने गतका, नेजेबाजी और घुड़सवारी और खालसाई खेलों का प्रदर्शन किया। स्टेडियम खालसाई रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया.नीली और पीली दस्तारों और दुमाले सजाई निहंग सिंह जत्थेबंदियों के नौजवान ने दो-दो तथा चार चार घोड़ों की सवारी करने के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए। निहंग सिंह दल बाबा बुढा दल के मुखी बाबा बलबीर सिंह समेत बाबा निहाल सिंह हरियां बेलां वाले, बाबा विधी चंद जत्थेबंदी समेत अन्य जत्थेबंदियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बाबा बलबीर सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी कर शहीदों के बताये मार्ग पर चलना चाहिए।