बलिदान देने में पंजाब पुलिस अग्रणी: मीना
सिविल एवं पुलिस प्रशासन ने दीं श्रद्धांजलि, शहीदों के परिवारों का सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब। पुलिस लाइन महादियां में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए समारोह रखा गया। समारोह में सिविल एवं पुलिस अधिकारियों ड्यूटी के दौरान शहीद हुए 16 पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों को सम्मानित भी किया गया।
एसएसपी अल्का मीना ने कहा कि21 अक्तूबर 1959 को सीआरपीएफ के जवान चीन की ओर से किए गए अचानक हमले दौरान शहीद हुए थे। उनकी याद में प्रत्येक वर्ष पंजाब पुलिस और अर्धसैनिक बलों के ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए समारोह करवाए जाते हैं। पंजाब पुलिस के जवानों ने बहादुरी से देश की अंदरूनी सुरक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान की। आतंकवाद के काले दौर में पंजाब पुलिस की अमन-चैन कायम रखने के लिए दी गईं कुर्बानियां मिसाल हैं। इससे पहले शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस जवानों ने हथियार उल्टे कर दो मिनट का मौन रखा। पुलिस और सिविल अधिकारियों व शहीद पुलिस परिवारों के सदस्यों ने शहीद पुलिस स्मारक पर श्रद्धांजलियां भेंट कीं।
डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी का बेटा होने के चलते उनका इस दिन के साथ विशेष लगाव है और ड्यूटी दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों पर जितना गर्व किया जाए, वह कम है। एसपीएच रविंदरपाल सिंह संधू ने शहीद हुए 16 जवानों और 01 सितंबर 17 से 31 अगस्त 18 तक ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के 414 जवानों के नाम पढ़कर उनकी शहादत को नमन किया। जिला पुलिस ने 16 शहीदों के परिवारों पर बनाई गई डाक्यूमेंटरी फिल्म भी दिखाई। इस मौके पर अतिरिक्त जिला और सेशन जज रंजीव विशिष्ट, सीजेएम प्रशांत वर्मा, एसपीडी हरपाल सिंह, एएसपी डॉ रवजोत गरेवाल, डीएसपी संदीप कौर सैनी, संदीप सिंह, मनप्रीत सिंह, नवनीत कौर गिल, एएसपी खमाणों नवनीत सिंह बैंस मौजूद थे।