फैक्टरी आग हादसा : पोस्टमार्टम के बाद तीन शवों को भेजा गांव
मालिक मजदूरों को फैक्टरी में बंद कर चला गया था, दम घुटने से हुई मौत
धनंजय पांडे के परिजनों ने किया अंतिम संस्कार, फैक्टरी की जांच के लिए पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। कल्याण नगर इलाके में बुधवार की सुबह कालड़ा निटवेयर में आग लगने के बाद दम घुटने से मारे गए वर्कर धनंजय पांडे, सत्यप्रकाश, रब्बान और मोहम्मद आजाद के शव का पोस्टमार्टम किया गया। डॉ. बिंदू, डॉ. हरीश किरपाल और डॉ. अमनप्रीत कौर पर आधारित एक बोर्ड ने चारों शवों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि चारों की मौत दम घुटने से हुई है। चारों की बॉडी पर सेक के निशान थे, लेकिन जलने के नहीं। पोस्टमार्टम के बाद चारों शवों को परिजनों के हवाले कर दिया है। पोस्टमार्टम के बाद धनंजय के परिजनों ने तो यहीं पर अंतिम संस्कार कर दिया है, जबकि सत्याप्रकाश, रब्बान और मोहम्मद आजाद के शव को गांव भेज दिया गया है। तीनों को उपलब्ध करवाई गई एंबुलेंस और रास्ते का खर्च फैक्टरी मालिकों की तरफ से किया गया है।
थाना डिविजन चार के एसएचओ सब इंस्पेक्टर सुरिंदर चोपड़ा ने बताया कि तीनों शव गांव भेज दिए गए हैं, जबकि धनंजय के शव का संस्कार परिजनों ने यहां किया है। उन्होंने कहा कि कालड़ा निटवेयर फैक्टरी में वीरवार को टीम जांच के लिए पहुंची थी। जांच के बाद सभी विभागों से रिपोर्ट लेकर मालिक सुमित कालड़ा को गिरफ्तार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मंगलवार की रात को सुमित कालड़ा फैक्टरी को ताला लगाकर खुद चले गए थे। पीछे से चारों मुलाजिम फैक्टरी के अंदर काम कर रहे थे। इसी दौरान देर रात को आग लग गई और चारों की दम घुटने से मौत हो गई।