बूट फैक्टरी में लगी भीषण आग चार घंटे बाद बुझी
फायर ब्रिगेड की बारह गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
अग्निकांड में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ: मालिक
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। बठिंडा-मानसा नेशनल हाईवे स्थित ग्रोथ सेंटर में बनी बूट फैक्टरी में मंगलवार सुबह अचानक आग लग गई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर बिग्रेड की बारह गाड़ियों ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड की सूचना मिलने पर डीसी प्रनीत, तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड़ और थाना कोटफत्ता पुलिस मौके पर पहुंची। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
ग्रोथ सेंटर स्थित बीरबल दास निवासी मौड़ मंडी की बूट फैक्टरी में मंगलवार सुबह करीब सात बजे अचानक आग की लपटें निकलने लगी। फैक्टरी के समीप रहने वाले लेबरों ने तुरंत पुलिस एवं फायर बिग्रेड समेत मालिक बीरबल दास को सूचना दी। घटना की सूचना मिलने पर फायर बिग्रेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। इसके बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस पर रिफाइनरी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, रामपुरा नगर काउंसिल और एनएफएल, थर्मल, नगर काउंसिल गिद्दड़बाहा से फायर बिग्रेड की आठ गाड़ियां पहुंची। बारह दमकल गाड़ियों की मदद से चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फैक्टरी मालिक ने दावा किया अग्निकांड में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। जब फैक्टरी में आग लगी तो उस समय लेबर बाहर थे। थाना केनाल प्रभारी इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने बताया आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।
एक घंटा देरी से पहुंची दमकल गाड़ियां: फैक्टरी मालिक
फैक्ट्री मालिक बीरबल दास ने आरोप लगाया कि सूचना देने के करीब एक घंटा बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। इससे ज्यादा नुकसान हुआ है। फायर बिग्रेड समय पर पहुंचती तो शायद इतना नुकसान नहीं होता। सहायक फायर अफसर गुरिंदर सिंह ने कहा कि सूचना मिलते ही हम गाड़ियां लेकर पहुंच गए थे। मेयर बलवंत राय नाथ ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियां देरी से पहुंचने के आरोपों पर कहा कि वह मामले की जांच करवाकर कार्रवाई करेंगें ।
डीसी ने इंडस्ट्रियल एरिया को दीं दो दमकल गाड़ियां
अग्निकांड की सूचना मिलने पर डिप्टी कमिश्नर प्रनीत मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया को फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां देने का किय एलान किया। उल्लेखनीय है कि ग्रोथ सेंटर को इंडस्ट्रियल एरिया के नाम से जाना जाता है। यहां करीब डेढ़ सौ फैक्टरी हैं। ।