मिलावटखोर के नाम सार्वजनिक होंगे: पन्नू
मिशन तंदरुस्त पंजाब के डायरेक्टर दूध की जांच किट जारी की
कहा, मिलावट संबंधी जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन जल्द
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। मिशन तंदरुस्त पंजाब के डायरेक्टर काहन सिंह पन्नू ने खाद्य पदार्थों, दूध और अन्य दूध पदार्थों में मिलावट करने वालो चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस गोरखधंधे को बंद कर दे, नहीं तो वह इसके नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति इस गोरखधंधे में पकड़े जाएंगे, उनका नाम सार्वजनिक किया जाएगा। इसके अलावा इस तरह के कारोबार को सील करने के साथ साथ उनके खिलाफ सख्त धाराओं के तहत पुलिस मामले भी दर्ज किए जाएंगे।
गुरु अंगद देव वैटरिनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी में फूड सेफ्टी अफसरों तथा डेयरी विकास विभाग पंजाब के सीनियर अधिकारियों से मीटिंग करते हुए पन्नू ने बताया कि विभाग के पास सूबे भर से ऐसे 250 व्यक्तियों के नाम की सूची मौजूद है, जो इस गोरखधंधे में लगे हुए हैं। जल्द ही इन व्यक्तियों के कारोबार पर विभाग की ओर से छापामारी की जाएगी। ताकि इन दोषियों को काबू कर लिया जाए। विभाग ने मौके पर दूध के जांच करने वाली छोटी किट खरीद ली है, जिस से जांच अधिकारी मौके पर दूध की जांच कर सकते है। उन्होंने कहा कि आम लोग भी इस किट को आसानी से बाजार में खरीद सकते हैं। इस किट से जैसे ही दूध में मिलावट का पता लगेगा तो दूध का नमूना चंडीगढ़ स्थित लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा जाएगा। दूध या दूध पदार्थो में मिलावट संबंधी शिकायत करने के लिए विभाग की ओर से जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा रहा है। इस नंबर पर पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को नगद इनाम से भी नवाजा जाएगा।
पन्नू ने कहा कि उन्होंने सूबे के सभी हलवाई एसोसिएशन से मीटिंग करके उनको एक सप्ताह का समय देकर गैरकानूनी कारोबार बंद करने की हिदायत की है। पन्नू ने कहा कि इस समय सूबे में दूध की जांच के लिए 12 मोबाइल वैन काम कर रही है। इसके अलावा डेयरी विकास विभाग के सभी दफतरों में दूध की मुफ्त जांच की सहूलत मुहैया कराई गई है। उन्होंने कहा कि विभाग को इस बारे में भी पता चला है कि कुछ दुकानों वाले देसी घी के नाम पर कुकिंग मीडियम आयल बेचकर आम जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इसके बाद पन्नू ने ड्रग इंस्पेक्टरों की भी मीटिंग कर हिदायत की नशे का कारोबार करने दवा विक्रेताओं पर सख्ती करें।