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पांच महीनों से हीं मिल रहा वेतन

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पांच महीनों से नहीं मिल रहा वेतन
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बीएसएनएल कर्मियों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब। बीएसएनएल यूनियन एटक सरहिंद ने दफ्तर के सामने रोष जता केंद्र सरकार के खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने लेबर कानून में बदलाव कर मजदूरों की स्थिति गुलामों जैसी बना दी है। जिस कारण उन को 15 घंटे काम करना पड़ता है। कर्मचारियों ने मांग की उनकी पिछले पांच महीनों से रुका वेतन दिया जाए, जबकि बीएसएनएल के अधिकारी डीईटी और जीएम पटियाला को हर महीने पहली तारीख को वेतन मिल जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसएनएल के अधिकारी अपने करीबियों को ठेका दे देते हैं जो उनसे 15 घंटे काम लेते हैं और बीती 23 फरवरी को वर्कर जसवीर सिंह की सीवरेज का काम करते समय गिरने के कारण बाजू टूट गई थी, जिसकी चिंता न तो बीएसएनएल को है और न ही ठेकेदार को है। यूनियन पिछले 15 साल से ईएसआई के कार्ड बनाने की मांग कर रही है ठेकेदार पैसे भी काट लेता है फिर भी उनको कार्ड नहीं दिए गए। आरोप यह भी लगाए कि बीएसएनएल अधिकारियों की मिली भुगत के कारण लूटपाट हो रही है। इस मौके सुरिंदर सिंह, गुरजंट सिंह, कुलजीत सिंह, परमिंदर सिंह, शिंगारा सिंह, महिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, धर्मपाल सिंह, जसवीर सिंह उपस्थित थे।

फोटो कैप्शन-25जीबीजीपी04--फतेहगढ़ साहिब में अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकारकी अर्थी फूंकते बीएसएनएल कर्मी।
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