एसआईटी ने जो किया, सही किया : बादल
बरनाला पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व एसएसपी की गिरफ्तारी पर दिया बयान
बेअदबी के आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए : एसजीपीसी प्रधान
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि एसआईटी ने जो किया है, ठीक किया है। बादल बहिबलकलां कांड संबंधी बनी एसआईटी द्वारा पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा की गिरफ्तारी संबंधी सवाल का जवाब दे रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुरजीत सिंह बरनाला की दूसरी पुण्यतिथि पर बरनाला पहुंचे बादल ने कहा कि एसआईटी उनकी सरकार द्वारा ही गठित की गई थी। वही एसआईटी है और वही अधिकारी हैं। एसआईटी ने डेढ़ साल हमारे कार्यकाल में काम किया और अब डेढ़ साल से कैप्टन सरकार में काम कर रही है। तीन साल में भी अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची।
इस अवसर पर बादल ने कहा कि सुरजीत सिंह बरनाला की पंथ को बहुत बड़ी देन थी। वह मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और चार बार गवर्नर रहे। उन्हें जो भी ड्यूटी सौंपी गई, उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी तनदेही व ईमानदारी के साथ निभाई। असल में सुरजीत सिंह बरनाला एक दरवेश सियासतदान थे, ऐसा नेता आज के युग में बनना मुश्किल है।
राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा द्वारा पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल को हटाने की मांग पर बादल ने सवाल को टालते हुए कहा कि ढींढसा को शिरोमणि अकाली दल व पंथ की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने फोन कर सुखदेव सिंह ढींढसा को पद्मभूषण अवार्ड मिलने पर बधाई दी थी।
इस दौरान शिरोमणि कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि सुरजीत सिंह बरनाला ने कौम का नाम ऊंचा किया था। पूर्व एसएसपी की गिरफ्तारी के सवाल पर लौंगोवाल ने कहा कि गुरु की बेअदबी करने में जो भी शामिल हो, उसको सजा हर हाल में मिलनी चाहिए। सुखदेव सिंह ढींढसा द्वारा सुखबीर बादल से पार्टी की कमान वापस लेने की बात पर पूर्व कैबिनेट मंत्री तोता सिंह ने कहा कि वह खुद हर बात पार्टी में रखते हैं, इसलिए ढींढसा को भी अपनी बात पार्टी में रखनी चाहिए थी। इतने सीनियर नेता को ऐसे खुलेआम नहीं बोलना चाहिए था।