भारत में 100 में से एक व्यक्ति है हेपेटाइटिस की चपेट में
-हर साल 15 लाख लोगों की हो जाती है हेपेटाइटिस से मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे की पूर्व संध्या पर गांव के लोगों के लिए आयोजित अवेयरनेस टाक के दौरान फोर्टिस अस्पताल के गैस्ट्रेइंट्रोलॉजी विभाग के मुख्य डॉ. नितिन शंकर बहल ने कहा कि भारत में 100 में से एक व्यक्ति हेपेटाइटिस की चपेट में है। जबकि दुनिया भर में हर साल 15 लाख लोगों की मौत इस बीमारी की वजह से हो जाती है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से पंजाबियों में यह बीमारी बढ़ रही है, उस हिसाब से पंजाब को हेपेटाइटिस सी की राजधानी भी कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। यह बीमारी दूषित ब्लड चढ़ाने, असुरक्षित सर्जरी प्रोसीजर व सीरिंज की एक सुई कई लोगों पर इस्तेमाल करने से फैलती है। पंजाब में नशे के इंजेक्शन लेने की आदत इस बीमारी को फैला रही है। इसके साथ ही संक्रमित सुई से टैटू बनवाने से भी यह बीमारी एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच रही है। इसके अलावा हेपेटाइटिस ग्रस्त मां से नवजात शिशु को, एक-दूसरे का नेल कटर, रेजर व टूथ ब्रश इस्तेमाल करने से भी यह बीमारी आगे फैलती है। असुरक्षित यौन संबंध भी इस बीमारी को तेजी से फैलाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में जितनी तेजी से नशा फैल रहा है, उतनी तेजी से ही यह बीमारी भी फैल रही है। इस लिए जरूरत है कि सभी लोग गंभीरता से पंजाब को नशा मुक्त करें। जैसे ही नशे के इंजेक्शन लेने की बुराई खत्म होगी, वैसे ही बीमारी के फैलने के चांस भी कम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस सी का अब दवा के माध्यम से इलाज संभव है। 8 से 12 हफ्ते दवा खाने से व्यक्ति इस बीमारी के चंगुल से निकल सकता है। अगर इलाज नहीं कराया गया तो लिवर कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है। फोर्टिस अस्पताल समय-समय पर स्क्रीनिंग कैंप लगाकर मरीजों की जांच करता रहता है। पिछले दिनों में 300 से अधिक लोगं का टेस्ट किया गया और उन्हें इससे बचाव के टिप्स भी दिए गए। डॉ. बहल ने कहा कि समय से पता चलने पर इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इस मौके पर मुंडियां, कटाणी कलां, मंगली, रामगढ़, जट्टां व कनेच गांव के सरपंच मौजूद रहे।