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पहली हाउस मीटिंग में 1279.4

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कांग्रेस पार्षदों के विरोध से बढ़ी बजट की धनराशि
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नगर निगम पहली हाउस मीटिंग में 1279.48 करोड़ का बजट पास
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सूबे की सबसे बड़े नगर निगम लुधियाना में शुक्रवार को हाउस मीटिंग के दौरान बजट पर कांग्रेसी पार्षदों ने ही विरोध जाहिर कर दिया। जिसके बाद प्रशासन को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए तैयार किया गया 859.48 करोड़ के अंतरिम बजट को बढ़ा कर 1279.48 करोड़ करना पड़ा। पहले बनाए बजट में प्रशासन ने सूबा सरकार व केंद्र सरकार की ओर से जारी की जाने वाली ग्रांट नहीं डाली थी। विधायक भारत भूषण आशु की पत्नी पार्षद ममता आशु के विरोध के बाद 859.48 करोड़ के बजट में 420 करोड़ रुपए की सरकारी ग्रांटों को भी शामिल कर लिया गया।
बजट पास करने के लिए बुलाई गई मीटिंग में सीनियर कांग्रेसी पार्षदों को पहले बोलने की बजाए विधायक आशु की पत्नी ममता आशु को पहले हाउस में बोलने के मुद्दे पर भी कांग्रेसियों में गुटबाजी सामने आ गई। जिला कांग्रेस प्रधान व पार्षद गुरप्रीत गोगी जनरल हाउस की मीटिंग में बाहर ही चले गए। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए नगर निगम ने 859.48 करोड़ रुपए का वार्षिक अंतरिम बजट तैयार किया था। अब इस में 85 करोड़ रुपए की सरकारी ग्रांट पीआईईडीबी, 220 करोड़ रुपए अमरुत स्कीम के तहत, 10 करोड़ रुपए स्वच्छ भारत व 100 करोड़ एमपी लैंड व अन्य विभिन्न सरकारी ग्रांट के लिए रखे गए है। इससे अब नगर निगम लुधियाना का बजट 1279.48 करोड़ रुपए हो गया है।
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बजट का 60.01 फीसदी हिस्सा विकास पर खर्च किया जाएगा। 34.99 फीसदी हिस्सा स्टाफ पर खर्च किया जाएगा। इसी तरह 5 फीसदी हिस्सा अचानक खर्चे के लिए खर्च किया जाएगा। नगर निगम की ओर से अब सरकारी ग्रांट मिलकर 935 करोड़ रुपए विकास कार्य पर खर्च किए जाएंगे। नगर निगम के बजट मुताबिक अब नगर निगम ने सड़क बनाने के लिए कुल 67 करोड़ रुपए रखे है। स्लम इलाके के लिए पिछले साल 3 करोड़ का बजट रखा गय था, इसे इस बार सिर्फ 60 लख रुपए कर दिया है। नए पुल बनाने के लिए 40 करोड़ रुपए व पुराने पुलों की रिपेयर के लिए 6 करोड़ का प्रस्ताव है। पिछले साल पुल के लिए सिर्फ 8 करोड़ रखे गए थे। इसी तरह निगम ने स्ट्रीट एंड ड्रेनेज के नए काम के लिए 47 करोड़ और रिपेयर के लिए 9.5 करोड़ रुपए रखे है। स्ट्रीट लाइटों के लिए पिछले साल 15 करोड़ रुपए रखे गए थे, जिसे इस बार साढे 10 करोड़ कर दिया गया है। पार्कों को मेनटेन करने के लिए10 करोड़ रुपए बजट रखा है।सीवरेज, पानी सप्लाई, सीवर व ट्यूबवेल के लिए 55 करोड़ रुपए रखे गए थे। बुढ्ढे नाले की सफाई के लिए एक करोड़ 10 लाख रुपए व नई मशीनरी के लिए ढाई करोड़ रुपए रखे है। इसके साथ ही विभिन्न बैंको से लिए गए लोन की वापसी के लिए भी 72 करोड़ रुपये बजट में रखे गए है।
यहां से आमदनी की आस
जीएसटी- 550 करोड़
प्रापर्टी टैक्स- 95 करोड़
विज्ञापन टैक्स-12 करोड़
सलाटर हाउस- 35 लाख
तहबजारी- 8 करोड़
समझौता फीस- 30 करोड़
ओएंडएम-75 करोड़
एक्साइज- 35 करोड़
यहां होगा खर्च
स्टाफ पर - 300 करोड़
विकास कार्य पर - 515 करोड़
अचानक खर्चे पर-42 करोड़
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