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प्लास्टिक फैक्टरी हादसा
नहीं मिले तीन लापता फायर कर्मी, रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म
140 घंटे बाद ऑपरेशन खत्म किए जाने से प्रशासन से परिजन नाराज
अब निगम के मुलाजिम लगा कर मलबे में होगी छानबीन
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं निगम ने पूरा किया रेस्क्यू
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
20 नवंबर को सूफिया चौक में आग के बाद गिरी प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली इकाई की इमारत में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन 140 घंटे बाद खत्म हो गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं नगर निगम की टीमों ने सौ फीसदी मलबे की छानबीन कर ली, लेकिन मलबे में दबे तीन फायर कर्मियों मनोहर लाल, सुखदेव सिंह एवं मनप्रीत सिंह का कोई सुराग नहीं मिला। इससे परिजनों में मायूसी छा गई। डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि अब मलबे में मुलाजिम लगा कर मैनुअली सर्च कराया जाएगा। इस हादसे में तीन फायर अफसरों समेत 13 लोगों की जान चली गई थी, जबकि दो को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया था।
घटनास्थल पर डीसी प्रदीप अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके एवं निगम कमिश्नर जसकिरण सिंह के अलावा विधायक सुरिंदर डाबर भी मौजूद रहे। डीसी प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं निगम ने सौ फीसदी मलबा जांचा है। तीन फायर मैन अब भी लापता हैं। मौके पर अब मशीनरी का काम खत्म हो गया है। अब एनडीआरएफ एवं निगम की टीमें मिलकर मलबे की फिर से जांच करेंगी, ताकि लापता फायरकर्मियों का कुछ पता चल सके। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पटियाला डिवीजन के कमिनर वीके मीणा को सौंपी है। टीमों ने मौके से मलबे के सैंपल भी लिए हैं, जिनको जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
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मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए केस बना कर सरकार को भेजा गया है। इमारत के आसपास बने मकानों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए निगम अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।डीसी ने बताया कि जो मलबा व मशीनरी जांच में जरूरी थी, उसे जांच अधिकारियों ने अपने पास रखा है।

मालिक से पूछताछ चल रही है
पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि फैक्टरी मालिक इंद्रजीत सिंह गोला के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। मालिक से पूछताछ चल रही है। बिल्डिंग को अवैध तरीके से बनाया गया था, यहां पर केमिकल भी गैर कानूनी ढंग से स्टोर था। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है। इस मौके पर एनडीआरएफ के सेकेंड इन कमांड शशी चंद्र ने बताया कि एनडीआएफ बाकी टीमों के साथ दिन रात राहत के काम में लगी रही। यहां केमिकल होने के कारण हादसे वाले दिन से लगातार काम किया गया। केमिकल के कारण थोड़ा मुश्किल जरूर आई।
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प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध
उधर, मौके पर ही लापता फायर कर्मियों के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ अपना रोष जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन उन्हें अपनों को ढूंढने के बजाय टालमटौल कर रहा है। हमें हमारे बच्चों की चाहें अस्थियां दो, लेकिन प्रशासन केवल लीपापोती कर रहा है। ताकि उन्हें सुकून मिल सके कि वह अब दुनिया में नहीं रहे।
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