कैप्टन अमरिंदर सिंह दो साल के फेलियर का व्हाइट पेपर दें: श्वेत मलिक
बेअदबी व गोलीकांड मामले के लिए गठित की गई एसआईटी पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार हर फ्रंट में फेल साबित हुई है। अब उन्हें दो साल का फेलियर व्हाइट पेपर जारी करना चाहिए। दो साल में जो भी विकास कार्य किए हैं, जनता के सामने क्रिस्टल क्लियर रिपोर्ट कार्ड दें। नहीं तो हाथ खड़े करके स्वीकार करें कि इकनॉमिक इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो गए हैं। यह मांग बीजेपी के पंजाब प्रधान श्वेत मलिक ने की। वह वीरवार को लुधियाना में नई कार्यकारिणी के सदस्यों से मिलने के बाद प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सरकार बाय द पीपल तो है, लेकिन फार द पीपल नहीं है। कांग्रेस सरकार खजाना न होने का रोना रो रही है जबकि कांग्रेस अपने खजाने भरने में लगी है। छह माह बीतने के बावजूद रेवन्यू की क्लेक्शन लास्ट टाइम से 20 प्रतिशत रेवन्यू इकट्ठा किया है। माफिया के अंडर सरकार काम कर रही है। चाहे वह रेत माफिया है, चाहे व शराब माफिया है चाहे व तेल माफिया है। इनकम कमाने के लिए सरकार सरकारी रेवन्यू को डिस्केरिज कर रही है। जिस कारण रेवन्यू क्लेक्शन 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मोदी रोज गूगल पर अपना रिपोर्ट कार्ड देते हैं। नवजोत भी अपना रिपोर्ट कार्ड पेश कर बताए कि कहा कहा पर उन्होंने विकास कार्य किए है।
श्वेत मलिक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी व गोलीकांड मामले के लिए गठित की गई एसआईटी पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चेतावनी दी है कि वह इसकी आड़ में एसआईटी के जरिये अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के प्रति षड्यंत्र करके उन्हें झूठा फंसाने का प्रयास न करे तथा इस मामले में सही आरोपियों की गिरफ्तारी को सुनिश्चित करे। श्वेत मलिक ने कहा कि इसमें साफ साफ षड्यंत्र नजर आ रहा है, क्योंकि सीएम अमरिंदर सिंह ने इस मामले को सीबीआई से वापस लेकर प्रदेश के अधीन आती एसआईटी के सुपुर्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए एक साजिश के तहत पूर्व कांग्रेस सरकारों की तरह पंजाब को फिर से आग में झोंकने में जुटी हुई है।