छह पेज का सुसाइड लेटर लिखकर महिला ने जान दी
अध्यापक पति समेत नौ ससुरालियों के खिलाफ मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब। गांव सद्दोमाजरा निवासी मनप्रीत कौर ने अपने ससुरालियों से तंग आकर 30 जुलाई को भाखड़ा नहर में छलांग लगा दी थी। पुलिस ने लाश शुक्रवार को घनौर भाखड़ा नहर से बरामद कर ली। मृतका का पति परमजीत सिंह माधोपुर गांव में बतौर सरकारी अध्यापक तैनात है। पत्नी की मौत की खबर सुनते ही उसने घर में फंदा लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की लेकिन वह बच गया। उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। मनप्रीत कौर ने सुसाइड करने से पहले छह पेजों का सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने सभी ससुरालियों के नाम लिखे हैं। फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने आरोपी पति समेत ससुराल के नौ लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। पति परमजीत सिंह पर धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है जबकि सास लाभ कौर, जेठ चरनजीत सिंह, जेठानी कुलदीप कौर, भतीजे मनजिंदर सिंह, रविंदर सिंह पुत्र चरनजीत सिंह, ननद सरबजीत कौर, ननदोई हरपाल सिंह और उनके बेटे सब इंस्पेक्टर सिमरनप्रीत सिंह पर सप्लीमेंटरी मामला दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मृतका का पति परमजीत सिंह शराब पीने का आदी है और दहेज के लिए मनप्रीत कौर को पूरा परिवार परेशान करता था। इनकी शादी 2002 में हुई थी और वह अपने परिवार समेत पिछले 8 साल से अलग घर में रह रही थी, लेकिन वहां भी उसे ससुराली तंग करते थे।
इससे पहले सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब में पहुंचे मृतका के भाई संदीप सिंह, पिता अवतार सिंह और गांव भयौरा जिला रोपड़ से आए लोगों ने शव लेने से इंकार कर दिया। ये लोग ससुराल परिवार के उन लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे जिनके नाम सुसाइड नोट में मनप्रीत ने लिखे थे। मौके पर पहुंचे थाना फतेहगढ़ साहिब के एसएचओ संदीप सिंह, प्रदीप सिंह बाजवा ने जैसे ही मृतका के पति पर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर एफआईआर की कापी सौंपी तो पीड़ित परिवार ने इसे अस्वीकार कर धरना देने की चेतावनी दी। इस पर सिविल अस्पताल पुलिस छावनी में तबदील हो गया। दो घंटे तक पुलिस परिवार को एफआईआर के लिए राजी करती रही लेकिन परिवार अपनी जिद पर अड़ा रहा। अंत में डीएसपी सुखजिंदर सिंह विर्क आए और पीड़ित परिवार को कार्रवाई करने का भरोसा दिया और थाने ले जाकर उनकी मांग पर नौ ससुरालियों पर भी मामला दर्ज कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार मृतका मनप्रीत कौर का शव लेकर उसके मायके भयौरा गांव रोपड़ ले गए।
सुसाइड नोट में मनप्रीत ने सबसे पहले अपने दो बेटों के बारे में लिखा कि मेरे बेटे जस्सी और सहज मैनू माफ कर देओ, तुआडी मम्मी बहुत दुखी हो के तुआडे तों दूर जा रही है। अपनी पढ़ाई ठीक ढंग से करना और नौवीं तथा 10वीं कक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक नंबर लेकर पास होना और दोनों बच्चों के लिए भगवान से विनती की गई कि ससुराल परिवार बच्चों पर कोई जुल्म न करें। ये भी लिखा है कि मैं अपने माता-पिता और परिवार की ससुराल वालों से और बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सकती। नोट में ससुरालियों द्वारा 28 जुलाई को की गई लड़ाई का भी जिक्र किया और अपने पति पर आरोप लगाया कि उसने हमेशा ही अपनी भाभी की बात सुनी और उसको प्रताड़ित किया। जेठानी ने उसकी हमेशा मारपीट करवाई। वे खर्च से दुखी है और आठ सालों से अपने मायके परिवार वालों पर निर्भर हैं। मृतका ने नोट में पीठ में दर्द के बावजूद उससे काम करवाने की बातें लिखी और कहा कि मेरे साथ ऐसा करने वालों को भगवान इसी उम्र में दंड दे।
फोटो कैप्शन: 03जीबीजीपी02: फतेहगढ़ साहिब में डीएसपी सुखजिंदर सिंह पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए।
फोटो कैप्शन: 03जीबीजीपी02ए: पुलिस से ससुराल पक्ष के सभी लोगों पर कार्रवाई की मांग करते मृतका के भाई संदीप सिंह व पिता अवतार सिंह।
फोटो कैप्शन: 03जीबीजीपी02बी: मनप्रीत कौर की फाईल फोटो।