कांग्रेस राज में मुझ पर तीन एफआईआर: बैंस
कहां, सियासी रंजिश के कारण अच्छे काम करने पर भी सरकार करा रही है केस दर्ज
वेरका मिल्क प्लांट में या स्टिंग करने पर विधायक बैंस पर हुआ था मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। वेरका मिल्क प्लांट में जाकर कम फैट वाले दूध का खुलासा करने पर विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और उनके साथियों पर दर्ज हुए केस को लेकर विधायक बैंस भाइयों ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पत्रकार वार्ता पर आरोप लगाए कि सरकार सियासी रंजिश के कारण लगातार उन पर केस दर्ज कर रही है। विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि कांग्रेस के 14 महीने के राज में अब तक उन पर तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी है। तीनों केसों में वह लोगों की आवाज बन कर सरकारी दफ्तरों में हो रही घपलेबाजी को उजागर करने के लिए गए थे।
उन्होंने कहा कि अगर चुने हुए नेता को कोआपरेटिव सोसायटी के प्लांट में जाकर चेकिंग करने का हक नहीं तो फिर किसे होगा। उन्होंने कहा कि वेरका मिल्क प्लांट में मुद्दे में सरकार सीधे तौर पर माफिया को बचाने की कोशिश कर रही है। विधायक बैंस ने कहा वह इस मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मंगलवार से समय मांग रहे है, लेकिन समय नहीं मिला। अब उन्होंने यह सारी शिकायत लाइव वीडियो वाली सीडी सहित मुख्यमंत्री को भेज दी है। साथ ही वेरका की तरफ से की जा रही धोखेबाजी की शिकायत पंजाब पुलिस के प्रमुख और पुलिस कमिश्नर को भी भेजी है।
इस दौरान विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और विधायक बलविंदर सिंह बैंस ने कहा कि लाइव वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि वह वेरका मिल्क प्लांट में जाकर दूध की उनकी तरफ से स्थापित की गई लेबोरेटिरी में जांच करवाते है। वहां पैकेट पर लिखी हुई दूध का फैट 4.5 और एसएनएफ 8.5 था। जब जांच कर रिपोर्ट आई तो दूध की फैट 4.0 और एसएनएफ 8.11 निकला. इस तरीके के साथ फैट कम कर वह रोजाना करोड़ों रुपये की ठगी लोगों के साथ मार रहे है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरीके के साथ खुलासा कर उन्होंने गुनाह किया है और सरकार समझती है कि वह गुनहगार है और वह जेल जाने के लिए भी तैयार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार भी अकाली दल के रास्ते पर चल पड़ी है। अकाली दल सरकार में उन पर 13 मामले दर्ज हुए थे, उनमें से अब तक पांच में बरी हो चुके है। अब कांग्रेस ने 14 महीने में उन पर तीन मामले दर्ज किए है। पहली पटवारियों की रिश्वत लेने की वीडियो बनाने का। दूसरी पासपोर्ट ऑफिस में चल रही दलाली की वीडियो बनाने और तीसरी वेरका मिल्क प्लांट में दूध में की जा रही घपलेबाजी को उजागर करने के लिए। सारे ही मामलों में धाराएं एक जैसी ही लगाई गई हैं।