बिना लाइसेंस अब पशु खुराक नहीं बिकेगी : कांगड़
पशु पालन मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा-मेघालय के शिलांग में गई टीम ने रिपोर्ट सीएम को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। सूबे में बिक रही गैर कानूनी पशु खुराक के धंधे को रोकने लिए पंजाब सरकार की तरफ से अब पशु खुराक बेचने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। जो भी कंपनी या व्यक्ति बिना लाइसेंस के पशु खुराक बेचेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी पशु पालन व मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने वीरवार को गुरु अंगद देव पशु ज्ञान यूनिवर्सिटी के रामपुरा में 92 करोड़ रुपये से बन रहे कालेज का निरीक्षण करने के दौरान दी। कालेज में सितंबर 2018 में दाखिले शुरू किए जाएंगे। उनके साथ इस मौके पर सूबे के बिजली मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ भी उपस्थित थे। कांगड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन आदेश पर जो टीम मेघालय के शिलांग में गई थी, उसने जांच रिपोर्ट सीएम कैप्टन को सौंप दी है। इस संबंध में पशु पालन मंत्री ने बताया कि सिर्फ लाइसेंस धारक फर्म को ही पशु खुराक बनाने और बेचने की इजाजत होगी। पशुओं को उच्च गुणवत्तेा और अच्छी खुराक दी जाए।
लावारिस सांडों की नसबंदी होगी
मीडिया के साथ बातचीत करते मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से लावारिस पशुओं की समस्या को हल करने के लिए जल्द ही लावारिस सांडों की नसबंदी संबंधी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी तरह अच्छी नस्ल की गाय के सुधार के लिए भी प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। पशु पालन मंत्री ने बताया कि मालवा क्षेत्र सेम प्रभावित और खारे पानी वाले इलाकों में मच्छी पालन संबंधी काम किया जा रहा है, जो सूबे में नीली क्रांति बढ़ाने के लिए अच्छा संकेत होगा।
पानी प्रदूषित करने वालों को नहीं बख्शेंगे
एक सवाल के जवाब में बिजली मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने बताया कि सूबे के ताप घरों में कोयले की कोई कमी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पानी प्रदूषित करने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। गत दिनों सूबे के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेशों पर पंजाब के विधायकों की टीम ने मेघालय के शिलांग का दौरा किया और अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। बता दें कि शिलांग में हुए सिखों के हमले के संबंध में सीएम ने यहां से टीम जांच के लिए भेजी थी।
कालेज में 90 कमरे बनेंगे
पशु पालन मंत्री ने बताया कि पशु अस्पताल और कालेज 61 एकड़ जमीन पर 92 करोड़ की लागत के साथ बनाया जा रहा है। इस कालेज से मालवा के युवाओं को फायदा मिलेगा, जहां पर छात्र पशु पालन संबंधी पढ़ाई कर सकेंगे, बल्कि पशुओं का उपचार, प्रजनन आदि संबंधी सेवाएं भी मुहैया कराई जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत कालेज की 4 मंजिला बिल्डिंग में 90 कमरे बनाए जाएंगे। जिसका 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इस तरह पशु अस्पताल का काम भी 60 फीसदी पूरा हो चुका है। इस कालेज में युवाओं व युवतियों के होस्टल व स्टाफ और र्क्वाटरों का काम 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है।