स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन के तहत चल रहे 8 डिपो होंगे बंद
नए साल पर पंजाब के एक लाख छोटे कारोबारियों को झटका देने की तैयारी
छोटे उत्पाद तैयार कर रहे कारोबारियों को मिल रहा था सस्ते दाम पर स्टील
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सूबे में चल रहे लगभग एक लाख से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को नए साल पर सरकार बड़ा झटका देने जा रही है। पंजाब सरकार के स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन के तहत चल रहे 8 डिपो को बंद करने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से स्टील से छोटे उत्पाद तैयार करने वाले कारोबारियों पर भारी पड़ेगा। कच्चा माल देने वाले डिपो बंद होने से उन्हें अब महंगे रेट पर माल खरीदना होगा। सरकार के इस फैसले के खिलाफ आने वाले दिनों में छोटे कारोबारी सड़कों पर उतर सकते हैं। उधर, मामले में मैनेजिंग डॉयरेक्टर राहुल भंडारी का कहना है कि उन्होंने मंगलवार को डिपार्टमेंट ज्वाइन किया है। फिलहाल उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
इस तरह होता है फायदा
बता दें कि पंजाब में एक लाख से ज्यादा छोटे उद्यम इस तरह के हैं, जो लोहे से साइकिल पार्ट्स, हैंड टूल, कील, ताले जैसे छोटे उत्पाद तैयार करते हैं। राष्ट्रीय इस्पात निगम इन उत्पाद को तैयार करने के लिए लोहा देता है। यह निगम बड़ी मात्रा में स्टील खरीदने वालों को विशेष छूट देता है। छोटे कारोबारी इतना बड़ी मात्रा में लोहा नहीं ले सकते हैं। इसलिए 1962 में पंजाब सरकार ने स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन का गठन किया था। इसका मकसद था छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देना। स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन हर महीने बड़ी मात्रा में राष्ट्रीय इस्पात निगम से स्टील की खरीद करता है। इस खरीद पर उसे विशेष छूट मिलती है। रियायती दर पर मिली स्टील को आगे छोटे कारोबारियों को डिपो के माध्यम से मांग के अनुसार दिया जाता है। इससे कारोबारियों को सस्ते दाम पर स्टील मिल जाता है। हर साल स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन सूबे में 50 हजार टन स्टील छोटे कारोबारियों को उपलब्ध करा रहा है।
इन जगह पर है डिपो
-मोहाली
-मंडी गोबिंदगढ़
-लुधियाना
-जालंधर
-अमृतसर
-पठानकोट
कोट
17 दिसंबर को बोर्ड मीटिंग में डिपो बंद करने का फैसला लिया गया है। पंजाब सरकार का यह फैसला छोटे कारोबारियों को खत्म कर देगा। बीते माह विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में 2700 रुपये प्रति टन छूट का स्लैब था। अगर पंजाब सरकार ने अपने डिपो बंद कर दिए तो साफ है कि कारोबारियों को यह छूट नहीं मिल सकेगी और उन्हें सीधे खरीददारी करने पर और ज्यादा पैसा देना होगा। इस मामले को लेकर मैंने अपने संगठन की तरफ से सीएम, प्रिंसिपल सेक्रेटरी इंडस्ट्री एंड कामर्स को लेटर भेज तुरंत वापस लेने की मांग की है।
-बदीश जिंदल, प्रधान फेडरेशन आफ पंजाब स्माल इंडस्ट्री एसोसिएशन
कोट्स
यह फैसला बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर के स्तर पर हुआ होगा, लेकिन अभी मेरे पास इसकी जानकारी नहीं है। पंजाब सरकार छोटे कारोबारियों के साथ है, ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़े। मैं इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते फैसला लेने के लिए कहूंगा।
-सुंदर शाम अरोड़ा, मिनिस्टर इंडस्ट्री एंड कामर्स