सरकार ने कारोबारियों पर कसा शिकंजा
एनजीटी के 50 करोड़ जुर्माने ठोंकने के बाद सरकार ने शुरू की कार्रवाई
निगम, पीपीसीबी ने डाइंग सहित अन्य यूनिट से पानी सैंपल लेना किए शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सूबे की नदियों का पानी दूषित करने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर सूबा सरकार पर ठोंके गए 50 करोड़ जुर्माने की भरपाई के लिए कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसके लिए नगर निगम और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीमों पर डाइंग और अन्य उद्योगों पर दबिश देकर पानी के सैंपल लेना शुरू कर दिया है। इसका मकसद उद्योगों पर जुर्माना ठोकना और एनजीटी के सामने सफाई पेश करना है। सरकार की इस नीति के खिलाफ सीआईसीयू ने मोर्चा खोलते साफ कर दिया है कि वह जुर्माना नहीं देंगे।
नवंबर में एनजीटी ने सतलुज और ब्यास नदी में औद्योगिक अपशिष्ट डालने जाने पर प्रदेश सरकार पर 50 करोड़ का जुर्माना ठोका था। जुर्माना लगाने से पहले एनजीटी ने एक कमेटी का गठन कर सतुलज और ब्यास नदी का निरीक्षण कर नदी के गंदा होने के कारणों का पता लगाया था। कमेटी की रिपोर्ट में साफ हो गया था कि इसके लिए सीधे पंजाब सरकार जिम्मेदार है। एनजीटी ने सरकार को एक हफ्ते में 50 करोड़ जमा करवाने के आदेश दिए थे। इसके अलावा सरकार को तीन महीने के अंदर विस्तृत एक्शन प्लान देने के आदेश दिए थे। मामले की अगली सुनवाई फरवरी में होगी।
बीते शनिवार को जिला प्रशासन ने तीन टीमों का गठन कर लुधियाना के ताजपुर रोड, फोकल प्वाइंट और बहादुरके रोड पर 32 डाइंग इकाईयों पर दबिश दी थी। निगम टीम ने इकाईयों से छोड़े जा रहे प्रयोग किए पानी के सैंपल लिए। वही मंगलवार पीपीसीबी की 5 टीमों ने 15 इंडस्ट्री पर छापामारी कर सैंपल लिए। इसके अलावा जानकारी जुटाई जा रही है कि यूनिट कब लगा था, कितना पानी हर रोज छोड़ा जाता है, ताकी एनजीटी के सामने सभी चीजों को रखा जा सके।
एक सप्ताह से सैंपलिंग के नाम पर कारोबारियों को परेशान किया जा रहा है, ताकी सरकार अपनी लापरवाही से बच सके। जुर्माना लगा तो वह अपने यूनिट बंद कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
तरुण जैन बाबा, प्रधान बहादुरके टेक्सटाइल एंड निटवियर
एनजीटी की ओर 50 करोड़ का जुर्माना लगाए जाने के बाद कारोबारी सरकार के निशाने पर है, ताकी किसी तरह जुर्माना की रकम वसूल की जा सके। उनकी एसोसिएशन ऐसा नहीं होने देगी। मामले को लेकर सीएम से मुलाकात कर अवगत करवाया जाएगा।
उपकार सिंह आहूजा, चेयरमैन सीआईसीयू