सभी वर्ग सहायक धंधे अपनाएं : मंत्री सिद्धू
फतेहगढ़ साहिब। पंजाब के पशु एवं मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने गांव रुपालहेड़ी में कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कोशिशों से नाबार्ड की तरफ से पशु पालकों की मदद करने की हामी भरी गई है, जिसके तहत छोटे किसान और खेत मजदूर नबार्ड की सहायता के साथ मुर्गी, सुअर, बकरी, भेड़ और खरगोश पालन जैसे सहायक धंधे शुरू कर सकते हैं। जिसमें गरीबी रेखा से नीचे रह रहे अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों के लिए 33 प्रतिशत और जनरल कैटेगरी के उद्यमियों के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। वहीं सरकार ने सभी व्यापारिक और सहकारी बैंकों को हिदायतें जारी की हैं कि इन धंधों के लिए कर्ज देने में कोई ढील न बरती जाए। यह सभी बैंक पशु पालकों को कर्ज देने के लिए पाबंद हैं और यह धंधे शुरू करने के लिए पशु पालक पशु अस्पताल के डाक्टर या वैटरनरी इंस्पेक्टर के साथ संबंध कायम कर सकते हैं। पशु पालन धंधे के लिए 56 हजार से लेकर 10 लाख तक की सब्सिडी सरकार की देगी। डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए मुर्हा, दोगली गायों के 2, 5 और 10 जानवर खरीदने के लिए 7 लाख रुपए तक कर्ज मिल सकता है जिस पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। कटरू पालन के लिए 25 कटरूओं तक 6250 रुपये प्रति कटरू सब्सिडी दी जाती है। भेड़ें- बकरियों के यूनिट स्थापित होने से 2 साल बाद कर्ज की वापसी की पहली किश्त शुरू होगी और कर्ज 9 सालों में वापिस करना होगा।
फोटो कैप्शन:25जीबीजीपी04: मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू।