‘इंडस्ट्री को 5 रुपये यूनिट बिजली न दी तो पलायन’
उद्यमियों ने कैप्टन सरकार को दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी गोबिंदगढ़।
मंडी गोबिंदगढ़ इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन ने इंडस्ट्री को पांच रुपये यूनिट बिजली नहीं दिए जाने पर सूबे से पलायन करने की चेतावनी दी है। इस सिलसिले में जिमखाना क्लब में एसोसिएशन के अध्यक्ष महिंदर गुप्ता की अध्यक्षता में बुलाई गई, जिसमें फर्नेस एसोसिएशन से जुड़े उद्योगपति विजय बांसल, प्रकाश चंद गर्ग, कृष्ण चोपड़ा, चंद्र प्रकाश, अशोक अग्रवाल ने हिस्सा लिया। बैठक दौरान कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए उद्योगपतियों ने कहा कि अगर सरकार ने एक हफ्ते के बीच पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली के वाद लागू नहीं किया तो वह पलायन कर जाएंगे।
क्लब अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि सरकार बनने से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गोबिंदगढ़ के लोहा बाजार में चुनावी रैली दौरान कहा था कि उनकी सरकार बनने के 15 दिनों के बाद इंडस्ट्री के लिए नई पालिसी लेकर आएंगे और सभी छोटे बड़े उद्योगों को पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जाएगी। इसके बाद सरकार ने कैबिनेट में 5 रुपये बिजली देने को मंजूरी दे दी थी। सरकार बनने के 9 महीने बाद भी इसे लागू नहीं किया। अभी भी इंडस्ट्री को 9 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिल रही है।
अक्तूबर माह में पंजाब स्टेट रेगुलेटरी कमीशन ने फरमान जारी कर बिजली के नए यूनिट रेट तय कर दिए हैं। इसमें इंडस्ट्री को 1 अप्रैल 2017 से नये रेटों पर बिजली के बिल भरने को कहा गया है। आठ महीने पहले जिस रेट से उन्होंने इंडस्ट्री में तैयार माल बनाकर बेच चुके हैं, उसका करोड़ों रुपयों का बनता बिजली बिल मौजूदा समय में कैसे अदा हो सकता है। रेगुलेटरी कमीशन ने प्रत्येक फर्नेस इकाई पर एक करोड़ बोझ डाल दिया है। गुप्ता ने कहा कि अकेली उनकी एसोसिएशन के दायरे में आतीं 65 फर्नेस इकाईयों का 100 करोड़ रुपए बनता है। इसके अलावा यहां छोटी-बड़ी इकाई की संख्या 600 के आसपास है। अगर सभी इकाईयों का मूल्यांकन किया जाए तो अरबों रुपयों का बिजली बिल अदा करने से गोबिंदगढ़ की इंडस्ट्री अगले 6 महीनों में इंडस्ट्री तबाह हो जाएगी।
गुप्ता ने बताया हलके के विधायक काका रणदीप सिंह के साथ लेकर गत 26 अक्तूबर 2017 को प्रिंसिपल सचिव सुरेश गुप्ता से मिले थे। उन्होंने 1 नवंबर से 5 रुपये प्रति यूनिट देने का भरोसा मिला था। उद्योगपति प्रकाश चंद गर्ग ने कहा कि हलका विधायक काका रणदीप सिंह भी उन्हें कई बार पांच रुपये यूनिट बिजली के आश्वासन दे चुके हैं जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। फर्नेस इकाई मालिकों ने सरकार से मांग करते कहा कि एक हफ्ते के अंदर इंडस्ट्री को पांच रुपए यूनिट वाली बिजली जारी की जाए और जो रेट बढ़ाए गए हैं वह 1 नवंबर 2017 से शुपू किए जाएं और 1 अप्रैल 2017 से बिजली इंडस्ट्री को बिजली पर सब्सिडी जारी की जाए। अन्यथा वह अपनी फैक्ट्रियां लेकर बाहरी राज्यों में चले जाएंगे। वे अगले दो दिनों में स्थानीय विधायक से समय लेकर हल के लिए बात करेंगे। इस पर विधायक काका रणदीप सिंह ने फोन पर बताया कि उद्योगपतियों की मांग जायज है। उद्यमी थोड़ा सब्र रखें, सरकार बिजली सस्ती करने पर काम कर रही है। जनवरी 2018 में इस वायदे को हर पाल में पूरा कर लिया जाएगा। इतने बड़े फैसले को बदलने के लिए थोड़ा समय तो लगता है।