खुले मेें पड़ा है लाखों बोरी धान
लिफ्टिंग नहीं होने से किसान परेशान, बढ़ रही नमी
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
लिफ्टिंग न होने के कारण लाखों बोरी धान मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा है। दाना मंडी रायकोट सहित आसपास के खरीद केंद्रों में बेशक सरकार की आर से लाखों बोरी चावल की खरीद हो चुकी है लेकिन करीब दस दिन से न ही खरीद एजेंसियों ने किसान-आढ़तियों को अदायगी की और न ही लिफ्टिंग हुई।
आढ़ती एसोसिएशन रायकोट के प्रधान यशपाल बांसल ने बताया कि दो सप्ताह से धान की अदायगी न होने के कारण लेनदेन प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के 24 घंटों में अदायगी और लिफ्टिंग की पूरी तरह से हवा निकल चुकी है।
दूसरी तरफ दाना मंडी मुल्लापुर मार्केट कमेटी दाखा के मुख्य यार्ड एवं अन्य खरीद केंद्र सुधार, हंबड़ा, तलवंडी कला, मंसूरा, चक्क कलां एवं आदी में पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप, वेयर हाउस एवं पंजाब एग्रो की ओर से खरीदा गया सवा लाख से अधिक बोरी धान लिफ्टिंग न होने से खुले में पड़ा है। इसके अलावा भारी भरकम ढेर मंडियों में पड़े हैं। इससे किसान परेशान हैं।
कुछ दिन से पड़ रही धुंध और खराब मौसम के कारण धान में नमी की मात्रा बढ़ गई है। आढ़ती जल्दबाजी में किसानों का धान बोरियों में भर कर काम निपटाना चाहते हैं लेकिन शैलर मालिक अधिक नमी वाला धान लौटा रहे हैं। किसान, आढ़ती, खरीद इंस्पेक्टर और शैलर मालिक सबके लिए नमी वाला धान जी का जंजाल बन गया है। हालांकि मुल्लांपुर दाखा और उसके आसपास की मंडियों में अदायगी की कोई दिक्कत नहीं है लेकिन लिफ्टिंग न होने से परेशानी जरूर है।
पनग्रेन एजेंसी के इंस्पेक्टर रमनदीप सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से शैलर एसोसिएशन की हड़ताल के कारण समस्या आ रही है। शैलर एसोसिएशन ने ही ट्रक यूनियन को ट्रक न भेजने के लिए प्रभाव में लिया हुआ था। अब हड़ताल खत्म हो गई है और लिफ्टिंग भी शुरू हो गई है।