प्राइमरी अध्यापकों को ब्रिज कोर्स करने के आदेश
अध्यापक संगठनों ने किया बहिष्कार करने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। शिक्षा विभाग की और से प्राइमरी अध्यापकों को छह माह का ब्रिज कोर्स करने के दिए ताजा फरमान से अध्यापक सकते में हैं। अध्यापक संगठन इसके विरोध में उतर आए हैं। सोशल मीडिया पर भी इसका विरोध करते हुए अध्यापकों ने इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन न करने की अपील की है।
बीएड फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष हरविंदर सिंह बिलगा ने बताया कि एससीईआरटीके डायरेक्टर की ओर से इन सर्विस अध्यापकों को करवाए जा रहे ब्रिज कोर्स संबंधी पत्र जारी कर दिया गया है। विभाग की ओर से अचानक ही अध्यापकों पर थोपा गया यह कोर्स गैर जरूरी है। फ्रंट इसका पूर्ण विरोध करता है। विभाग ऐसे असमंजस वाले पत्र जारी करके अध्यापकों को यह सोचने के लिए विवश करता है कि क्या विभाग को अध्यापकों की ओर से किए बीएड कोर्स और समय-समय पर दी जा रही ट्रेनिंग पर भरोसा नहीं है। आम तौर पर ऐसे पहले से निर्धारित सर्विस कोर्सों को कराने का पूरा खर्च विभाग करता है लेकिन यह कोर्स अध्यापकों को अपने खर्च पर करने के लिए कहा जा रहा है। इसका खर्च लगभग 35 हजार से ज्यादा आएगा। पहले अध्यापकों की तरक्की करते समय टीईटी की शर्त लगा दी थी जो अध्यापकों के विरोध के कारण विभाग को वापस लेनी पड़ी थी। यदि विभाग ने अध्यापकों पर यह कोर्स करने के लिए दबाव बनाया तो जत्थेबंदी इसका कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि फ्रंट ने फैसला किया है कि इस मसले को लेकर शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी से भी मुलाकात की जाएगी।