हंगामे के बीच 138 करोड़ रुपये का बजट पास
विकास कार्यों का बजट 12 फीसदी से कम करके 8 फीसदी किया
बठिंडा।
हंगामे के बीच मंगलवार को नगर निगम बठिंडा का वर्ष 2018-19 के लिए 138 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया गया। बजट में महानगर के विकास पर खर्च होने वाली राशि का प्रतिशत पिछले साल के 12 फीसदी के मुकाबले कम करके 8 फीसदी कर दिया गया है जिससे नगर निगम की कमजोर वित्तीय हालत का पता चलाता है। विकास के लिए जहां पिछले साल 14 करोड़ रुपये रखे गए थे वह इस बार कम होकर करीब 12 करोड़ ही रह गए हैं। बजट में शामिल किए गए कई प्रस्तावों पर अकाली व कांग्रेसी पार्षदों ने ऐतराज भी उठाए जिन्हें बाद में मामूली फेरबदल के बाद पारित कर दिया गया। पार्षदों ने विकास की राशि को और बढ़ाने की भी मांग की लेकिन उस पर कोई विचार नहीं हो सका। इस अवसर पर नगर निगम के मेयर बलवंत राय नाथ, सीनियर डिप्टी मेयर तरसेम गोयल, कमिश्नर ऋृषिपाल ङ्क्षसह व अन्य अधिकारी तथा पार्षद उपस्थित रहे।
कहां से आएगा पैसा:
नगर निग को विभिन्न मदों से 138 करोड़ रुपये की आमदन की तजवीज है। इनमें से करीब 84 करोड़ रुपये वैट से, 11.50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स, 55 लाख फायर सैस, विज्ञापन कर से 2.97 करोड़, रैंट से 1.49 करोड़, तहबाजारी से 20 लाख, लाइसेंस व व्हीकल फीस से 31 लाख, बिल्डिंग फीस से 1 करोड़, बिल्डिंग राजीनामा से 50 लाख, विकास चार्जेस से 2.50 करोड़, सीएलयू से 2 करोड़, मलबा फीस से 29 लाख, वाटर सप्लाई चार्जेज से 72 लाख, काऊ सैस से 3.25 करोड़, बिल्डिंग रेगुलाइजेशन से 70 लाख, एक्साइज ड्यूटी से 2 करोड़ व अन्य संसाधनों से 1.50 करोड़ रुपये की आमदन होगी। इसके अलावा वाटर सप्लाई व सीवरेज डिमांग से 10.29 करोड़, अन्य संसाधनों से 1.50 करोड़, सेल ऑफ लैंड से 10 करोड़ की आमदन होगी।
कहां जाएगा पैसा:
नगर निगम अपने अमले पर कमिटेड खर्च के तहत 77.97 करोड़ रुपये खर्च करेगा जो कुल बजट का 56 फीसदी बनता है। इसके अलावा कंटीजेंसी कमिटेड खर्चों पर 2 करोड़, मैंटीनैंस खर्च कमिटेड पर 55.35 करोड़ तथा शहर के विकास के कार्यों पर मात्र 11.70 करोड़ रुपये ही खर्च किए जाएंगे। विकास कार्य जिनमें नई सडक़ों का निर्माण, पुरानी सडक़ों की मुरम्मत, नालियों, सीवरेज तथा ाटर सप्लाई के काम, सीवरेज के नए काम, नए पार्क, सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण, स्ट्रीट लाइटों, सल्म बस्तियों पर खर्च , डस्टबिनों आदि का सारा काम मात्र 11.70 करोड़ञरुपये में किया जाएगा।
अकाली पार्षदों ने किया बॉयकाट:
बैठक शुरू होते ही कांग्रेसी व अकाली पार्षदों के दरमियान कहासुनी हो गई जिस कारण अकाली पार्षद हरविंदर शर्मा बैठक का बॉयकाट करके बाहर चले गए। बाद में मेयर बलवंत राय नाथ खुद जाकर शर्मा को मनाकर बैठक में लाए। बाद में अकाली दल की ही पार्षद संतोष महंत ने भी सुनवाई न होने के कारण बैठक का बॉयकाट कर दिया व बाहर चली गईं। संतोष महंत ने कहा कि महानगर के विकास के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उनके वार्ड में कोई काम नहीं हो रहा जिस कारण वह बैठक का बॉयकाट कर रही हैं।
राजनीतिक अरोप-प्रत्यारोप के कारण हुआ हंगामा
बजट पारित होने से पहले ही अकाली व कांग्रेसी पार्षद अपनी पार्टियों की कार्यगुजारी को लेकर आपस में उलझ गए। कांग्रेसी पार्षद मलकीत सिंह ने अपने वार्ड में काम न होने की बात कही जिस पर मेयर ने बताया कि जितने फंड्स आ रहे हैं उस हिसाब से काम हो रहा है। इस पर कुछ अकाली पार्षदों ने कांग्रेसी पार्षद को वित्तमंत्री से फंड्स लेकर आने को कह दिया। इस पर मलकीत सिंह ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब के लंगर पर लगाई गई जी.एस.टी. पंजाब सरकार ने माफ की है जो एक बड़ा कदम है। इसके जवाब में अकाली पार्षद शर्मा ने कांग्रेस पर हरिमंदिर साहिब पर हमला करने के आरोप लगा दिए जिसे लेकर हाऊस का माहौल गर्मा गया। कांग्रेसी व अकाली पार्षद आपस में उलझ गए व लंबा समय एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे।