पंजाब में स्टांप ड्यूटी कम वसूलने के मामले में राज्य के 50 तहसीलदार विभागीय कार्रवाई की जद में आ गए हैं।
पंजाब राजस्व विभाग और पुनर्वास विभाग के सचिव बलराज सिंह सेखों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश किए हलफनामे में यह जानकारी दी है।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ ने एफिडेविट को रिकार्ड में लेकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
मामले की आगामी सुनवाई 17 जनवरी को निर्धारित की गई है।
पंजाब राजस्व विभाग और पुनर्वास विभाग के सचिव द्वारा पेश किए हलफनामे में आगे कहा गया है कि सरकार इस मामले पर गंभीर है।
पिछले पांच सालाें में 85 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में चार तहसीलदार और 9 नायब तहसीलदार दोषी पाए गए हैं।
सनद रहे कि सिरसा निवासी बलदेव सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब में स्टांप ड्यूटी कम बसूलने के कारण राजस्व को भारी घाटा हो रहा है।
उन्होंने राजस्व अधिकारियाें पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट से कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।