संज्ञान लेने के बावजूद हड़ताल, हम हैरान
चीफ जस्टिस शील नागू ने कहा कि अदालत द्वारा चंडीगढ़ पुलिस को गगनदीप जम्मू की सुरक्षा बढ़ाने के पूर्व निर्देश के बावजूद, बार एसोसिएशन द्वारा दोपहर के भोजन के बाद काम से अनुपस्थित रहने के फैसले पर उन्हें आश्चर्य हुआ है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित सूद ने कहा कि काम निलंबित करने का निर्णय बार के सदस्यों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। हालांकि, मुख्य चीफ जस्टिस ने कहा कि वकील हड़ताल का सहारा लेकर अपने पेशे का अपमान कर रहे हैं। ऐसी हड़तालें सबसे आसान रास्ता हैं और वकीलों को विरोध के अन्य तरीके तलाशने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यह हड़ताल मेरे लिए एक बड़ा झटका है। जरा उस याचिकाकर्ता की दुर्दशा की कल्पना कीजिए जो 100-200 किलोमीटर दूर से आया होगा।
जम्मू को भी होना पड़ा पेश
हड़ताल से व्यथित मुख्य न्यायाधीश ने एडवोकेट जम्मू को बुलाया और पूछा कि क्या वह यह जानकर चैन से सो पाएंगे कि उनके कारण वकीलों ने काम बंद कर दिया है। जम्मू ने कहा कि काम से निलंबन बार एसोसिएशन का आदेश था।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए न्यायालय से किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है। अगर आप कोई आदेश पारित नहीं करना चाहते, तो यह आपकी मर्जी है। मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरे ही मामले में मुझे ब्लैकमेल किया जा रहा है, जहां मेरी जान खतरे में है और मुझसे इस तरह पूछताछ की जा रही है। न्यायालय ने बार एसोसिएशन से काम बंद करने की अपनी मांग वापस लेने पर भी जोर दिया। बार एसोसिएशन ने ऐसा करने पर सहमति जताई।