होशियारपुर की एक अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पांच साल की मासूम से सामूहिक दुराचार करने वाले दो दरिंदों को ताउम्र कैद की सजा सुनाई।
यह सजा आम उम्रकैद से अलग है। यानी दोनों दोषियों को अब मृत्यु तक जेल में ही रहना होगा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस भिंडर की अदालत ने इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
इस फैसले की खास बात यह रही कि दिल्ली गैंगरेप के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून (संशोधित नई धारा) 376 (डी) के तहत सुनाया गया।
अदालत ने दोनों दोषियों दलजीत सिंह पुत्र जागीर सिंह निवासी इब्राहिमपुर और अमरजीत सिंह पुत्र केहर सिंह निवासी गांव भुलाणां को लगाए 25-25 हजार रुपये जुर्माने की राशि पीड़ित बच्ची के परिवार को बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया है।
एडिशनल पब्लिक प्रोसीक्यूटर एडवोकेट टीएस ग्रेवाल ने बताया कि दिल्ली गैंगरेप के बाद बने दुष्कर्म के इस नए एक्ट के अधीन यह फैसला देश का पहला फैसला है। उन्होंने बताया कि इस नए एक्ट में दोषियों को कम से कम बीस साल कैद की सजा का प्रावधान है।
प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन सेक्सुअल अफेंसेस के तहत भी दोनों को पांच साल की सजा सुनाई है। दसूहा पुलिस ने पीड़िता की मां के बयान पर दोनों ही आरोपियों के खिलाफ 19 फरवरी 2013 को केस दर्ज किया था।