बॉलीवुड फिल्म निर्माता करण जौहर।
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13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में हुए नरसंहार के जिम्मेदार ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर की पड़पोती कैरोलिन डायर ने इस नरसंहार में शहीदों को लुटेरा कहा। इस पर फिल्म निर्माता करण जौहर का गुस्सा फूट पड़ा है। करण जौहर सोशल मीडिया पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कैरोलिन डायर यह कहने में कितनी हास्यास्पदता दिखाई और वह हजारों लोगों को कैसे लुटेरे कह रही थी।
वैसाखी के पवित्र दिन पर निर्दोष और निहत्थे लोग अपने हक के लिए जलियांवाला बाग में इकट्ठा हुए थे। जनरल डायर तब तक गोलियां चलाना बंद नहीं किया जब तक उसने सभी को शहीद नहीं कर दिया। करण जौहर ने कहा कि डायर की पड़पोती ने एक साक्षात्कार में ऐसा कहने की हिम्मत कैसे की है। जौहर ने कहा कि उसे जानते नहीं हैं, न ही जानना चाहते हैं और न मिलना चाहेंगे। जलियांवाला नरसंहार देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में सबसे जघन्य नरसंहार है। इसके लिए कैरोलिन को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। बता दें कि करण जौहर का परिवार पंजाबी है और वह अपनी दादी से भारत पाक बंटवारे की दास्तां सुनते रहे थे ।
ऊधम सिंह के वारिसों ने करण जौहर की प्रशंसा की
करण जौहर की तीखी प्रतिक्रिया पर इस नरसंहार का बदला लेने वाले महान योद्धा ऊधम सिंह के वारिसों ने उनकी प्रशंसा की है। शहीद ऊधम सिंह के वारिस हरदियाल सिंह, मलकीत सिंह, गुरमीत सिंह, यादगार कमेटी के प्रतिनिधि जंगीर सिंह रत्न व केसर सिंह ने कहा कि जनरल डायर की पड़पोती जख्मों पर नमक छिड़क रही है। 106 साल बाद भी इस नरसंहार का दर्द देश झेल रहा हैं। ऊधम सिंह ने 21 साल बाद इसका बदला लिया था। उन्होंने कहा कि करण जौहर ने देश प्रेमी होने का प्रमाण दिया है। केंद्र सरकार इस मामले को ब्रिटिश सरकार के समक्ष उठाए और डायर की पड़पोती माफी मांगे। इस संबंधी जल्द पत्र लिखा जाएगा।