पकड़े जाने पर गिड़गिड़ाया आरोपी
पुलिस के कड़े रुख को देखकर आरोपी मनी शॉकर डर गया और हाथ जोड़कर कहने लगा, "मुझसे गलती हो गई, मैं यूट्यूबर मनी शॉकर हूं।" पूछताछ में उसने कबूला कि आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण उसे वैध (लाइसेंसी) हथियार नहीं मिल पा रहा था, इसलिए उसने आत्मरक्षा के नाम पर यह अवैध विदेशी हथियार ब्लैक मार्केट में खरीदा था। उसके साथ गिरफ्तार ड्राइवर दिलप्रीत सिं निवासी गांव धर्म सिंह वाला मोगा ने बताया कि वह मनी के वीडियो शूट करने से लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने का काम संभालता है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 ग्लॉक-19 पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस, 2 खोल, स्कॉर्पियो गाड़ी, 4 मोबाइल फोन बरामद किए। आरोपियों पर थाना सदर में इरादा-ए-कत्ल और असलहा एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले पर जब चौकी इंचार्ज नरिंदर मोहन से संपर्क किया गया, तो उन्होंने जांच जारी होने का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सत्ता पक्ष के एक वरिष्ठ नेता के साथ मनी शॉकर के सीधे संबंध बताए जा रहे हैं। यूट्यूबर होने के नाते वह पार्टी के कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने का काम करता था। आरोपी के मोबाइल खंगालने पर पता चला कि उसके तार कई बड़े गैंगस्टरों से जुड़े हैं। पुलिस को संदेह है कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए फोटो शेयर कर अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल था। पुलिस ने आरोपी के चार मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि यह ग्लॉक पिस्टल कहां से खरीदी गई थी और इस पूरे गैंग में कौन-कौन शामिल हैं।