पावरकॉम के एसडीओ सब-अर्बन ने अपने उच्चाधिकारियों को बताए बिना गांव धालीवाल दोनां और गांव ढपई स्थित जलघरों के बिजली कनेक्शन काट दिए।
इन जलघरों का लंबे अर्से से बिल बकाया चल रहा था। वहीं जल सप्लाई के एसडीओ के अनुसार सीएम की खास हिदायत है कि किसी भी सूरत में जल घर का कनेक्शन नहीं काटा जा सकता है।
गांव धालीवाल दोनां पर करीब 1.30 लाख और गांव ढपई के जल घर पर करीब 1.40 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। इन जल घरों की टंकियों को मोटर चलाकर सुबह-शाम भरा जाता है। पेयजल के लिए भी इन टंकियों का पानी प्रयोग में लाया जाता है।
पावरकॉम के सब-अर्बन के एसडीओ रविंदरपाल सिंह भसीन ने जेई जतिंदरपाल सिंह को इन जलघरों का कनेक्शन काटने के लिए भेज दिया। जेई ने अधिकारी के आदेशों की तामील करते हुए दोनों जलघरों का कनेक्शन काट दिया। इस संदर्भ में एसडीओ ने एक्सईएन ज्ञान सिंह संधू को विश्वास में नहीं लिया।
गांव धालीवाल दोनां के पंप आपरेटर गुरमुख सिंह ढोड ने कहा कि उन्होंने जेई जतिंदरपाल सिंह को कनेक्शन न काटने का आग्रह भी किया, लेकिन वह नहीं माने।
गांव के पंच गुरदीश सिंह और दरबारा सिंह ने कहा कि विभागों की आपसी बात में उन्हें मूलभूत सुविधा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। बसपा के जिला इंचार्ज तरसेम थापर ने कहा कि पावरकॉम ने अगर जल्द बिजली कनेक्शन न जोड़ा तो वह सब-डिवीजन सब-अर्बन कार्यालय के बाहर एसडीओ के खिलाफ धरना देंगे।
जेई जतिंदरपाल सिंह ने कहा कि उन्हें एसडीओ भसीन ने आदेश दिए थे कि कनेक्शन काट दो, क्योंकि इन दोनों का एक साल से बिल बकाया है।
वहीं जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग के एसडीओ तजिंदर सिंह वालिया ने कहा कि सीएम की खास हिदायत है कि किसी भी गांव की वाटर टंकी का बिजली कनेक्शन न काटा जाए।
इस संदर्भ में पावर कॉम ने बाकायदा लिखित में भी दिया हुआ है। एसडीओ ने जानबूझ का परेशान करने के लिए कनेक्शन कटवाए हैं।
वैसे उन्होंने पावर कॉम को अंडरटेकिंग पत्र देकर फंड मिलते ही प्राथमिकता पर बिजली अदा करने के लिए लिख दिया है। एसडीओ रविंदरपाल सिंह भसीन ने बात करने के बजाय फोन काट दिया। एक्सईएन ज्ञान सिंह संधू ने कहा कि उन्हें तो पता ही नहीं है कि बिजली के कनेक्शन काटे गए हैं।
एसडीओ भसीन ने उनसे इस बाबत कोई बात नहीं की है। वह इस मामले की जांच करेंगे। पावरकॉम ने पिछली तिमाही तक पब्लिक हेल्थ के अलावा, सरकारी डिस्पेंसरियों, सरकारी आईटीआई, नगर काउंसिल, ग्राम पंचायत, मॉडर्न जेल, डीसी ऑफिस, तहसील, पीडब्ल्यूडी, बीएसएनएल आदि पर करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया है, लेकिन इनके खिलाफ पावरकॉम ने न तो रिकवरी के लिए कोई ठोस कदम उठाया है और न ही कनेक्शन काटने की कार्रवाई अमल में लाए हैं।