तलवाड़ा (होशियारपुर)। पौंग बांध के 6 पावर हाउसों में पौंग झील में से आने वाली पानी की पाइप में लीकेज के कारण पावर हाउस में 5 से 7 फुट पानी भर गया। इस दौरान रुटीन जांच के लिए गया एक कर्मचारी लखविंदर अचानक 5-7 फुट तक हुए जलभराव से डूबने से बाल बाल बचा। इस घटना के बाद पौंग बांध के सभी 6 बिजली यूनिटों को बंद कर दिया गया। इस कारण पौंग बांध पन विद्युत परियोजना से उत्पादित होने वाला 396 मेगावाट बिजली उत्पादन शून्य हो गया। घटना की सूचना मिलते ही चेयरमैन संजय श्रीवास्तव ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। इस टीम में बीबीएमबी के मेंबर पावर हरमिंदर सिंह चुग, सचिव तरुण अग्रवाल और मुख्य अभियंता जेनरेशन राहुल मोदी शामिल है। सभी ने पौंग बांध प्रोजेक्ट का दौरा कर घटना का जायजा लिया। इस दौरान बीबीएमबी पंजाब स्टेट कर्मचारी यूनियन के प्रधान विजय ठाकुर ने आरोप लगाया कि बीबीएमबी के चेयरमैन व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर आसीन उच्च अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उनका कहना था कि बीबीएमबी के कर्मचारियों के बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त होने के बावजूद रिक्त पदों पर भर्ती नहीं हो रही। कर्मचारियों को रिपेयरिंग में प्रयोग होने वाला सामान न तो समय पर मिलता है और न ही सामान की गुणवत्ता पर ही बीबीएमबी प्रबंधन कोई ध्यान दे रहा है। बांधों पर मेंटीनेंस स्टाफ की काफी कमी के कारण ही एक-एक कर्मचारी 5-5 कर्मचारीयों का बोझ उठा रहा है। उन्होंने चेयरमैन से मांग की है कि घटना में बाल-बाल बचे बीबीएमबी के कर्मचारी लखविंदर सिंह को बीबीएमबी प्रबंधन की तरफ से प्रोत्साहन अवॉर्ड दिया जाए, क्योंकि यदि लखविंदर सिंह समय रहते मामले की सूचना न देते तो बड़ा हादसा हो सकता था।