कनाडा में सिखों व हिंदुओं के बीच बढ़ रहे तनाव को खत्म करने के लिए उदारवादी सिख व हिंदू संगठनों की पहल शुरू हो गई है। 20 गुरुद्वारों व मंदिरों के प्रमुखों व पदाधिकारियों ने बैठक की और कहा कि इसका उद्देश्य पैदा हो रहे तनाव को कम करना है और एक साथ मिलकर चलना है। इसके अलावा किसी भी धार्मिक स्थल के बाहर प्रदर्शन को रोका जाएगा।
खालिस्तानी संगठन अब मंदिर या गुरुद्वारा के बाहर प्रदर्शन नहीं करेंगे। दोनों समुदाय की तरफ से मिलकर यूनाइटेड सिख एंड हिंदू एसोसिएशन आफ नार्थ अमेरिका का गठन किया। खालसा दीवान सोसायटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह थांदी ने सोसायटी के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और बैठक के एजेंडे की प्रतियां वितरित कीं।
इस मौके पर सर्वसम्मति से यूनाइटेड सिख एंड हिंदू एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका के गठन की घोषणा करते हुए कश्मीर सिंह धालीवाल को एसोसिएशन का अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता चुना गया। बैठक के दौरान कनाडा में धर्म के नाम पर अलगाववादी और विभाजनकारी ताकतों की कड़ी निंदा करते हुए हिंदू-सिख भाईचारे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
इस अवसर पर पारित प्रस्तावों में कनाडा में रहने वाले हिंदू सिख समुदाय के बीच एकता बनाए रखने और गुरुघरों और मंदिरों के बाहर प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन के खिलाफ निर्णय लेते हुए यूनाइटेड सिख एंड हिंदू एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका की 20 सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया। खालसा दीवान सोसायटी के मौजूदा प्रधान कुलदीप सिंह थांदी ने एसोसिएशन के चेयरमैन पद के लिए कश्मीर सिंह धालीवाल का नाम पेश किया, जिसका रणजीत सिंह हेयर ने समर्थन किया और उपस्थित प्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर चेयरमैन पद के चुनाव और अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं में जरनैल सिंह भंडाल, ज्ञानी हरकीरत सिंह, पुरुषोतम गोयल, बलवंत सिंह संघेरा, सुरिंदर सिंह जबल, प्रीत संधू, कुलवंत सिंह ढेसी, कुलदीप सिंह, मलकीत सिंह धामी, बलजिंदर सिंह बैंस, हरजीत सोहपाल, गोपाल लोहिया शामिल थे।
सतीश कुमार, रमेश बख्शी, निर्मल (नॉर्म) संघ ने संबोधित किया और एसोसिएशन के गठन को पारित किया। उन्होंने प्रस्तावों की सराहना करते हुए एसोसिएशन का दायरा पूरे उत्तरी अमेरिका तक बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। प्रत्येक वक्ता ने कहा कि इस एसोसिएशन का गठन समय की मांग थी। आने वाले कुछ दिनों में कोर कमेटी की बैठक बुलाकर एसोसिएशन की मजबूती और उद्देश्य की सफलता पर चर्चा की जाएगी। कश्मीर सिंह धालीवाल और कुलदीप सिंह थांदी ने सभी प्रतिनिधियों का आगमन पर धन्यवाद किया।
अब भविष्य में खालिस्तानी विरोध प्रदर्शनों को रोकने और कनाडाई बिरादरी की मजबूती के लिए उदारवादी समाज द्वारा इस संयुक्त संघ का गठन एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम माना जा रहा है। कनाडा की नामचीन हस्ती सुखविंदर सिंह चोहला का कहना है कि यह समय की जरूरत थी क्योंकि ब्रैंप्टन के घटनाक्रम के बाद कनाडा में हिंदुओं के बीच दूरियां बन रही थी। सोशल मीडिया पर मैसेज व फोटो वायरल हो रहे थे।