कैदियों की लगातार मौत और तादाद से ज्यादा कैदियों के दबाव को कम करने के
लिए अब कपूरथला की मॉडर्न जेल को दो हिस्सों में बांटा जाएगा। सेंट्रल जेल
को जिला कपूरथला और जालंधर में बांट दिया जाएगा। यह जानकारी एसपी जेल
परमजीत सिंह संधू ने दी।
एसपी संधू ने बताया कि दो-तीन दिन पहले पंजाब
पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन चंडीगढ़ से आर्किटेक्ट्स की एक टीम ने मॉडर्न जेल
का दौरा किया था। इसमें उन्होंने दो जेलों के प्रबंध को लेकर जरूरी निर्माण
और रेनोवेशन के लिए जमीनी स्तर पर संभावनाएं तलाशी। यह टीम पूरी रिपोर्ट
सीएम आफिस को प्रपोजल के लिए सौंपेंगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद इसका
काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि दो जेलों का प्रबंध होने से कैदियों
की सुरक्षा का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके तहत नए स्टाफ की तैनाती
होगी। दोनों जेलों में एक-एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट लगेंगे। जबकि ओवरऑल
सुपरविजन की कमान एसपी जेल के हाथ में ही होगी।
एसपी बताते हैं कि इस
समय जेल में आपराधिक श्रेणी के हिसाब से कैदियों को रखा गया है। जब दो
जिलों के हिसाब से जेलों का प्रबंध हो जाएगा तो कपूरथला और जालंधर के
कैदियों को अलग-अलग जेल में रखा जाएगा। जेल में पुरुषों के लिए नौ और
महिलाओं के लिए एक बैरक है। जिनमें 2760 कैदियों को रखने की क्षमता है,
लेकिन मौजूदा समय में जेल में 3874 कैदी बंद हैं। इनमें 190 महिला कैदी
हैं। जून 2014 में जब उन्होंने मॉडर्न जेल के एसपी का चार्ज संभाला था तब
जेल में कैदियों की संख्या करीब 4600 थी। शुरुआती दौर में उन्हें कैदियों
की सुरक्षा को यकीनी बनाने में कुछ दिक्कतें भी पेश आई थीं।
मॉडर्न जेल
में मई में दस दिनों के अंतराल पर तीन कैदियों ने आत्महत्या कर ली थी। जून
में सीएम प्रकाश सिंह बादल ने बेगोवाल (कपूरथला) प्रवास के दौरान
आत्महत्याओं के मामले की विभागीय जांच करवाने का आदेश दिया था। इस मामले की
जांच और जेल अधिकारियों से बातचीत में यह बात सामने आई कि जेल प्रशासन पर
तादाद से ज्यादा कैदियों की सुरक्षा का दबाव है। जेल को दो बराबर भागों में
बांटने की प्रक्रिया को इन्हीं घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। अगर
मॉडर्न जेल दो हिस्सों में बंटती है तो यह सेंट्रल जेल से डिस्ट्रिक्ट जेल
में परिवर्तित हो जाएगी।