फिरोजपुर के मरदाना इंटरनेशनल कीर्तन दरबार सोसायटी के जरिये पाकिस्तान गए जिन दो श्रद्धालुओं को भारत आते समय वाघा-अटारी सीमा पर 600 ग्राम अफीम लाने के आरोप में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकारियों ने रोक लिया था, वे शुक्रवार को भी कस्टम विभाग के अधिकारियों की हिरासत में रहे। अबोहर से अटारी सीमा पर उनसे मिलने पहुंचे उनके परिजनों को भी दिन भर उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिली। गांव झोरड़खेड़ा के सरपंच सुभाष कुमार ने बताया कि वे शुक्रवार सुबह बलदेव सिंह व करनैल सिंह के परिजनों को साथ लेकर अटारी सीमा पर पहुंचे और कस्टम अधिकारियों से मिलकर मामले की जानकारी हासिल करनी चाही। पहले तो उन्होंने कुछ देर इंतजार करने का आश्वासन दिया लेकिन दिन भर विभाग कार्यालय के बाहर खड़े रहने के बाद भी उन्हें बलदेव सिंह व करनैल सिंह से नहीं मिलने दिया गया। अधिकारियों ने उन्हें यह भी जानकारी नहीं दी कि अगर उन दोनों पर मामला दर्ज हुआ है तो कौन सी धाराएं जोड़ी गई। सुभाष ने बताया कि वे शनिवार सुबह फिर अटारी सीमा पर पहुंच कर कस्टम अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास करेंगे।