राज्य भर में पराली जलाने के आरोप में किसानों पर दर्ज आपराधिक केस रद्द करवाने की मांग को लेकर वीरवार को भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर द्वारा स्थानीय एसडीएम दफ्तर के सामने प्रदेश स्तरीय रोष धरना दिया गया। दिन भर रोष जताने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों के किसी भी तरह का ठोस आश्वासन न देने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने शाम पौने पांच बजे एसडीएम दफ्तर से जैतो रेलवे स्टेशन का रुख कर लिया और ट्रैक जाम कर दिया। तीन घंटे की तनातनी के बाद करीब पौने आठ बजे डीसी कुमार सौरभ राज ने रेलवे स्टेशन पर पहुंच कर भाकियू की 18 नवंबर सोमवार को खेतीबाड़ी विभाग के प्रमुख सचिव काहन सिंह पन्नू से बैठक करवाने का भरोसा देकर किसानों का गुस्सा शांत करवाया। भाकियू के प्रांतीय प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाला ने कहा कि यदि किसानों की मांगों को पूरा न किया गया तो वह तीखे संघर्ष से गुरेज नहीं करेंगे।
इससे पहले ट्रैक जाम होने के कारण फिरोजपुर-बठिंडा रेलमार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है और करीब 12 से भी ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई, जिन्हें बठिंडा, गोनियाना, रोमाना अलबेल सिंह, फरीदकोट और फिरोजपुर में ही रोक दिया गया।
भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रांतीय प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाला, प्रांतीय महासचिव काका सिंह कोटड़ा,प्रांतीय सीनियर उप प्रधान जसबीर सिंह सिद्धपुर, प्रेस सचिव मेहर सिंह थेहड़ी, प्रांतीय वित्त सचिव मान सिंह राजपुरा व फरीदकोट के प्रधान बोहड़ सिंह रूपयांवाला ने कहा कि पराली जलाने के मामले में सरकार ग्रीन ट्रिब्यूनल की सिफारिशें लागू करने से आनाकानी कर रही है और किसानों पर एक के बाद एक केस दर्ज करके धक्केशाही की जा रही है। उन्होंने पराली न जलाने के एवज में किसानों को कम से कम 9 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने, सुप्रीम कोर्ट की हिदायत के अनुसार पराली न जलाने वाले किसानों को धान की फसल पर 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने, किसानों पर दर्ज केस रद्द करने, किसानों की जमीनी रिकार्ड में लगाए लाल निशान हटाने, प्रदूषण बोर्ड द्वारा किए गए जुर्माने खत्म करने की मांगें रखी।
उन्होंने कहा कि पिछली 8 नवंबर को भी भाकियू ने जैतो में एसडीएम दफ्तर के समक्ष प्रदेश स्तरीय रोष धरना देकर चेतावनी दी थी लेकिन इसके बावजूद पंजाब सरकार ने केस दर्ज करने का क्रम नहीं रोका जिसके रोष स्वरूप सुबह से एसडीएम दफ्तर के समक्ष रोष धरना दिया जा रहा था। जब शाम तक कोई भरोसा नहीं मिला तो उन्हें मजबूर होकर रेलवे ट्रैक जाम करना पड़ा। किसानों के ट्रैक पर धरना शुरू करने की जानकारी मिलते ही डीसी कुमार सौरभ राज समेत जिले भर के तमाम प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और भाकियू पदाधिकारियों के साथ बातचीत का दौर शुरू किया। रेलवे ट्रैक पर धरने के कारण बठिंडा-जम्मू, जम्मू अहमदाबाद, सुलतानपुर लोधी-हिसार स्पेशल ट्रेन, फाजिल्का-बठिंडा डीएमयू, दिल्ली-फिरोजपुर पैसेंजर समेत करीब 12 रेलगाड़ियां विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर ही रोक दी गई। अकेले कोटकपूरा रेलवे स्टेशन पर ही चार रेलगाड़ियां रुकी हुई हैं।
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फरीदकोट के जैतो रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर रोष धरना देते भाकियू एकता सिद्धूपुर के कार्यकर्ता
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फरीदकोट के जैतो में रेलवे ट्रैक पर जाम से पहले एसडीएम दफ्तर के समक्ष धरना देते भाकियू कार्यकर्ता
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फरीदकोट के जैतो रेलवे स्टेशन पर किसानों को आश्वासन देने पहुंचे डीसी कुमार सौरभ राज
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फरीदकोट के जैतो रेलवे स्टेशन पर सरकार के खिलाफ रोष जताते भाकियू के कार्यकर्ता
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